9 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

चुनावी रण में उतरेंगे CM व पूर्व CM… इस जिले में प्रत्याशियों के पक्ष में करेंगे ताबड़तोड़ प्रचार-प्रसार, देखें तारीख

CG Election 2025: नगर निगम चुनाव का प्रचार इन दिनों अपने चरम पर हैं। ऐसे में प्रत्याशी वार्डों में पहुंचकर जमकर जनसंपर्क कर रहे हैं और अपने पक्ष में माहौल बनाने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं।

2 min read
Google source verification
चुनावी रण में उतरेंगे CM व पूर्व CM... इस जिले में प्रत्याशियों के पक्ष में करेंगे ताबड़तोड़ प्रचार-प्रसार, देखें तारीख

CG Election 2025: नगर निगम चुनाव का प्रचार इन दिनों अपने चरम पर हैं। ऐसे में प्रत्याशी वार्डों में पहुंचकर जमकर जनसंपर्क कर रहे हैं और अपने पक्ष में माहौल बनाने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं। लेकिन व्यापक रूप में चुनाव में अपनी पार्टी के लिए माहौल बनाने के लिए संगठन राजधानी के स्टार नेताओं की सभा करवाना चाह रहा है। इसमें कांग्रेस व भाजपा दोनो ही शामिल है।

संगठन सूत्रों की माने तो कांग्रेस जहां चुनाव प्रचार के अंतिम दिन पूर्व सीएम भूपेश बघेल को बुला सकती है और एक से दो सभा कर सकती है। वहीं भाजपा भी इसमें पीछे नहीं रहना चाहती है और सीएम और प्रदेश अध्यक्ष की रैली और सभा करने की रणनीति बना रही है।

7, 8 या 9 फरवरी को हो सकती है सभा

संगठन का कहना है कि इसे लेकर तैयारी तो की जा रही है लेकिन अब तक पूरी तरह से पुष्टि नहीं हो पाई है। बताया जा रहा है कि इसके लिए 7, 8 या 9 फरवरी का दिन तय हो सकता है। क्योंकि चुनावी प्रचार का शोर वोटिंग के 48 घंटे पहले से थम जाता है। ऐसे में दोनों ही पार्टियों की कोशिश होगी कि 9 को बड़े आयोजन हो जिसमें स्टार प्रचारक शामिल हों। लेकिन इसका असर स्थानी प्रचार पर न पड़े इसे भी ध्यान रखा जा रहा है कि इसलिए अब तक संगठन भी पूरी तरह से इसे लेकर स्पष्ट नहीं है।

यह भी पढ़े: CG Election 2025: नक्सल क्षेत्र में शांतिपूर्ण चुनाव कराना चुनौती! कड़ी सुरक्षा के बीच डाले जाएंगे वोट, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया

बड़ा नहीं बल्कि छोटी आमसभा में जोर

दरअसल भाजपा और कांग्रेस नगर निगम चुनाव को लेकर कोई कोर कसर छोडऩा नहीं चाहते। इसलिए अपनी पार्टी के प्रदेश के सबसे बड़े नेताओं को बुलाने की तैयारी कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि चुनाव प्रचार के अंतिम दिनों में स्थानीय स्तर के प्रचार की भी अधिक जरूरत होती है। ऐसे में दोनों ही पार्टियां नहीं चाहती कि बड़ा आमसभा किया जाए। संगठन चाह रही है कि जगदलपुर शहर में दो से तीन जगहों पर मध्यम स्तर की आम सभाएं हो। जिससे प्रचार और तैयारियों पर ज्यादा असर भी नहीं पड़ेगा माहौल बनाने में भी मदद मिलेगी।