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खाने-पीने की चीज बेचने का लाइसेंस नहीं है या एक्सपाइरी है तो लग सकता है 10 लाख का जुर्माना

CG News : त्योहारी सीजन में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा मिठाई दुकानों की लगातार जांच की जा रही है।

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खाने-पीने की चीज बेचने का लाइसेंस नहीं है या एक्सपाइरी है तो लग सकता है 10 लाख का जुर्माना

खाने-पीने की चीज बेचने का लाइसेंस नहीं है या एक्सपाइरी है तो लग सकता है 10 लाख का जुर्माना

जगदलपुर। CG News : त्योहारी सीजन में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा मिठाई दुकानों की लगातार जांच की जा रही है। साथ ही विभाग द्वारा आम जनता से खाद्य पदार्थों में होने वाले मिलावट से बचने की अपील की गई है। त्यौहारी सीजन में बाजारों में तरह-तरह के खाद्य सामग्री एवं मिठाईया दुकानों में सज गई है। इस बीच अगर कोई व्यक्ति बिना लाइसेंस के खाद्य पदार्थ बेचते पाए पाया जाता है तो उसे 10 लाख तक का जुर्माना देना पड़ सकता है।

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खाद्य विभाग के अनुसार खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 31 के अनुसार सभी खाद्य कारोबारियों को बिना बैध खाद्य लाईसेंस अथवा खाद्य पंजीयन के कारोबार करना दण्डनीय अपराध है एवं बिना लाईसेंस के खाद्य कारोबार करने वाले ऐसे व्यक्ति को धारा 63 के तहत 10 लाख रूपए तक का जुर्माना हो सकता है अत: सभी खाद्य कारोबारकर्ताओं को वैध लाइसेंस-पंजीयन कराने हेतु जागरूक रहना चाहिए। प्राय: त्यौहार के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका बनी रहती है जिसकी रोकथाम के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग सजग रहता है, किन्तु मिलावटी खाद्य पदार्थों से बचने के लिए आम जनता को भी सजग एवं जागरूक रहना आवश्यक है।

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एफएसएसएआई के मानकों के अनुसार अब मिठाई के डिस्प्ले काउंटर में सजी मिठाई की ट्रे पर मिठाई की निर्माण तिथि एवं मिठाई कब तक उपयोग में लाई जा सकती हैं. इस तिथि का उल्लेख अनिवार्य है। किन्तु अनेक मिठाई विक्रेता इस निर्देश का पालन नहीं कर रहे हैं। लेबल में खाद्य पदार्थ के निर्माण तिथि, उपयोग की तिथि एवं निर्माता फर्म के पूर्ण पत्ता का उल्लेख अनिवार्य रूप से होना चाहिए। यदि निर्माता फर्म का पूर्ण पता एवं खाद्य पदार्थ के निर्माण की तिथि उल्लेखित नहीं पाई जाएगी तो संबंधित विक्रेता की पूर्ण जिम्मेदारी मानते हुए उसके विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।