
श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ पर नगर में निकली भव्य कलश यात्रा
कथा के प्रथम दिवस मां ध्यान मूर्ति महाराज ने भागवत के महात्मय की कथा सुनाई, कि किस प्रकार अधम योनि में प्रेत बने धुंधकारी की मुक्ति भी भागवत श्रवण से हो गई। इसके बाद भागवत कथा सुनने के नियम बताए। भागवत किस प्रकार सुननी चाहिए और भागवत सुनने से हमें क्या प्राप्त होता है। मथुरा वृंदावन से पधारी कथा वक्ता मां ध्यान मूर्ति महाराज को सुनने और देखने के लिए बड़ी संख्या में सनातनी पहुंचे। इसके प्रथम दिवस गीता भवन में कलशयात्रा से पूर्व ध्वजारोहण किया गया। ध्वजारोहण सरोजनी बाला वर्मा और कलश यात्रा जगदीश चन्द ने किया।
आज हिरयण्याक्ष वध, ध्रुव चरित्र की कथा
आज हिरयण्याक्ष वध, ध्रुव चरित्र की कथा सुनाई जाएगी, इसके साथ ही सांस्कृति प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।
इसी प्रकार आने वाले तिथियों में 3 सितंबर को प्रहलाद चरित्र, हिरण्यकश्यप वध व पूजा थाली सजाओ प्रतियोगिता, 4 सितंबर को गजेन्द्र मोक्ष व श्री कृष्ण जन्मोत्सव, 5 सितंबर को श्री कृष्ण बाल लीला, गोवर्धन पूजा व छप्पन भोग, 6 सितंबर को गोपी गीत, कंस वध व रुकमणी विवाह व शोभायात्रा निकाली जाएगी। 7 सितंबर को कृष्ण सुदामा चरित्र और 8 सितंबर को हवन पूर्णाहुति व महाभण्डारा का आयोजन किया जाएगा।
Published on:
01 Sept 2023 10:39 pm
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