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जानिए क्या है मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना, कैसे पा सकते है स्वास्थ्य लाभ, 15 हजार लोग हो चुके है लाभान्वित

जून से अब तक लागातार खुल रहा बाजारों में क्लीनिक, पांच माह में 15 हजार मरीजों का हुआ हाट-बाजारों में उपचार

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जानिए क्या है मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना, कैसे पा सकते है स्वास्थ्य लाभ, 15 हजार लोग हो चुके है लाभान्वित

जानिए क्या है मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना, कैसे पा सकते है स्वास्थ्य लाभ, 15 हजार लोग हो चुके है लाभान्वित

कोण्डागांव. मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना से पिछले पांच माह में स्वास्थ विभाग के आंकड़ेनुसार जिले में लगभग 15 हाजार मरीजों का इलाज जून से अब तक किया जा चुका है। स्वास्थ्य सुविधाओं को जन-जन तक पहुंचाना किसी भी कल्याणकारी राज्य का प्रमुख लक्ष्य होता है। क्योंकि स्वास्थ्य, शिक्षा और पीडीएस प्रणाली का बेहतर संचालन शासन पर विश्वास का प्रमुख आधार है।

जिलो के प्रमुख हाट-बाजारो में स्वास्थ्य शिविर
यदि स्वास्थ्य विभाग के आकड़े सही है तो जिले में हर माह तीन हाजार मरीजों का इलाज हाट-बाजारों में ही संभव हो सका हैं और शासन की मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना अपने लक्ष्य में खरी उतर रही है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर राज्य शासन के निर्देशानुसार राज्य के समस्त जिलो के प्रमुख हाट-बाजारो में स्वास्थ्य शिविर लगाये जा रहे है जिसका उद्देश्य सुदूर क्षेत्रों में बसे ग्रामीणों को ग्राम के नजदीक ही उपचार कराने की सुविधा को उपलब्ध कराना था, ताकि व्यक्ति स्वंय अथवा अपने परिजनों की मुख्यालय के किसी स्वास्थ्य केन्द्र में उपचार के लिए लाने के बजाय गांव के नजदीक अपना उपचार करा सके।

लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है
इससे न केवल बीमार व्यक्ति को लाने-ले-जाने की स्थिति से हो रही परेशानी से मुुक्ति दिलाना था बल्कि तथा कथित झाड़-फुक अथवा देशी इलाज करने वाले व्यक्तियों से उन्हें बचाना भी था। ज्ञात हो कि इन शिविरों में न केवल मौसमी बीमारियों, बुखार, उल्टी-दस्त, मलेरिया जैसी बीमारियों की दवा नि:शुल्क दी जाती है बल्कि इसके साथ-साथ लोगो में स्वास्थ्य जागरुकता संबंधी परामर्श भी दिए जाते है। इसके अलावा गंभीर रोग होने की स्थिति में मुख्यालय अथवा अन्य बड़े अस्पतालों के लिए रिफर भी किया जाता है। कुल मिलाकर शासन की इस कल्याणकारी योजना का लाभ दूरस्थ ग्राम में बसे हर एक ग्रामीण को मिला है। विकासखण्ड माकड़ी के ग्राम बिंजोली निवासी 78 वर्षीय बुजुर्ग मनकुराम बताते है कि वे कई दिनो से हाथ-पैर के दर्द से परेशान थे और उनका आना-जाना भी दुभर हो गया था पर गांव में ही लगने वाले साप्ताहिक हाट-बाजार में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में उनका न केवल पूरा स्वास्थ्य जांच किया गया बल्कि दवाईयाँ भी दी गई जिससे उन्हें अब काफी आराम है।

कुपोषण से बचाव की दी जानकारी
शिविर में उपस्थित चिकित्सको ने बताया कि हाट-बाजारों में शिविर के दौरान न केवल वे मरीजों का प्राथमिक उपचार करते है। बल्कि टीकाकरण, एनीमिया, कुपोषण से बचाव तथा सुरक्षित संस्थागत प्रसव के लाभ के बारे में भी विस्तारपूर्वक बताते है। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार जिले में 26 जून 2019 से 13 अक्टूबर 2019 तक कुल 51 हाट-बाजारों में कुल 429 स्वास्थ्य शिविर लगाये जा चुके है और कुल 14 हजार 999 लोगों का उपचार किया गया। जिसमें एएनसी जांच के 250, 53 कुपोषित बच्चे, 6 हजार 238 रक्तचाप, 5 हजार 325 मधुमेह, 873 मलेरिया, 202 उल्टी-दस्त, 714 मरीजों को तत्काल उपचार सुविधा उपलब्ध कराई गई। साथ ही अन्य 14 हजार 265 मरीजों को दवाई वितरण किया गया।