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मंदाकिनी ने लिखा गीत, संजय ने सजाया कुल चिन्ह

इस विश्व विद्यालय के कुलगीत यह राष्ट्र हमारा है आओ निर्माण करें.. की रचना दंतेवाड़ा जिले की किरंदुल निवासी मंदाकिनी श्रीवास्तव ने की है

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कुलगीत यह राष्ट्र हमारा है आओ निर्माण करें.. की रचना मंदाकिनी श्रीवास्तव ने की है, कुलगीत यह राष्ट्र हमारा है आओ निर्माण करें.. की रचना मंदाकिनी श्रीवास्तव ने की है, कुलगीत यह राष्ट्र हमारा है आओ निर्माण करें.. की रचना मंदाकिनी श्रीवास्तव ने की है

जगदलपुर। शहीद महेंद्र कर्मा विश्व विद्यालय में दीक्षांत समारोह आयोजित है। दीक्षांत में कुलाधिपति व राज्यपाल अनुसुइया उइके 95 होनहार छात्रों को स्वर्ण पदक देंगी। स्वर्ण पदक वितरण के पूर्व कुलाधिपति की अगवाई में कुलपति, गणमान्य अतिथि व विद्यार्थी शोभायात्रा की शक्ल में विवि परिसर से मंच तक पहुंचेंगे। शोभायात्रा की शुरुआत कुलगीत गायन के साथ होने की परम्परा रही है।

इस विश्व विद्यालय के कुलगीत यह.. राष्ट्र हमारा है आओ निर्माण करें.. की रचना दंतेवाड़ा जिले की किरंदुल निवासी मंदाकिनी श्रीवास्तव ने की है। यह कुलगीत उन्ही के स्वर में रिकॉर्ड किया गया है। ज्ञात हो कि कुलगीत की ही तरह इस विश्व विद्यालय का कुल चिन्ह भी विशिष्ठ है। कुल चिन्ह की डिजाइन संजय झा ने तैयार की है। वे वर्तमान में नगरनार हाई स्कूल में शिक्षक पद पर कार्यरत हैं।

सीमित समय में किया था रिकॉर्ड

पत्रिका से चर्चा में मंदाकिनी श्रीवास्तव ने बताया कि इस कुलगीत की रचना के लिए विश्व विद्यालय प्रबंधन ने कहा था। प्रथम दीक्षांत के सिर्फ सप्ताह भर पहले इसका चयन किया गया था। तुरंत ही इसे लयबद्ध कर रिकॉर्ड करना था। सीमित समय व संसाधन के बावजूद चंद घंटों में इस गीत को स्वरबद्ध किया गया। अब इसके महत्व को जानकर गौरव को अनुभूति होती है। मंदाकिनी के लिखे एक दर्जन से ज्यादा ग़ज़ल व काव्य संग्रह भी प्रकाशित हो चुके हैं।

बस्तर की झलक दिखानी थी

शिक्षक व कलाकार संजय झा ने बताया कि विश्वविद्यालय के नाम के चयन के बाद इसका कुल चिन्ह बनना था। इसके लिए कई प्रतिभागियों ने अपनी प्रविष्ठियां भिजवाई थी। मैंने इसके लिए मा दंतेश्वरी के छत्र, दशहरा रथ को आधार बनाकर इसे रचा। इसका चयन होने से मुझे बेहद आंनद मिला। आज विवि के सभी पत्रों व प्रमाण पत्र में यह अंकित होता है, तो गर्व का अनुभव होता है।