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बिना नोटिफिकेशन के जगदलपुर नगर निगम आबादी के बीच डंप कर रहा कचरा

डोंगाघाट इलाके में सारे नियमों को ताक पर रखते हुए लोगों को संक्रमण के बीच छोड़ा

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बिना नोटिफिकेशन के जगदलपुर नगर निगम आबादी के बीच डंप कर रहा कचरा

डोंगाघाट के भाटापारा में निगम लगातार कचरा डंप कर रहा है, जिससे लोग परेशान हैं।

जगदलपुर। डोंगाघाट को नगर निगम ने नरक बना दिया है। यहां रहने वाले लोग निगम की लापरवाही और हठधर्मिता की वजह से यहां अब नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। यहां चारों तरफ गंदगी, बदबू का आलम है। मक्खी-मच्छर ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। बीमारियों के संक्रमण के बीच रहना लोगों की मजबूरी हो चुकी है। यह सब इसलिए हो रहा है क्योंकि यहां पर निगम पूरे शहर का कचरा डंप कर रहा है। कंचरा डंपिंग शुरू करने से पहले निगम ने सारे नियमों को ताक पर रख दिया। बिना नोटिफिकेशन जारी किए ही डंपिंग शुरू कर दी, जबकि किसी भी इलाके में कचरा डंपिंग की एक प्रक्रिया होती है उसका पालन करना निगम के जिम्मेदारों ने जरूरी नहीं समझा। लोगों से रायशुमारी तक नहीं की गई और उन पर इतनी बड़ी परेशानी सौंप दी गई। आबादी से महज 50 मीटर की दूरी पर कचरा डंप किया जा रहा है जबकि ऐसा करना अवैधानिक है। लोगों की जान खतरे में डाल कचरा डंप करने पर जिम्मेदारों पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। इसकी परवाह किए गए बगैर मनमानी जारी है जबकि इलाके के लोग कई बार निगम से कचरा डंपिंग बंद करने की मांग कर चुके हैं। यहां निगम गोबर से बिजली बनाने का संयंत्र भी चल रहा है जिसकी वजह से भी लोग परेशान हैं।

दो लोग सामने बैठते हैं तब एक व्यक्ति खाना खा पाता है
कचरे की वजह से पूरे इलाके में मक्खियों का प्रकोप इतना बढ़ चुका है कि अगर एक व्यक्ति खाना खा रहा हो तो दो व्यक्ति मक्खी को हटाने का काम करते हैं। कई लोग तो मक्खियों की वजह से कई बार खाना भी नहीं खा पाते हैं। कई बार खाने में इनके गिरने से पूरा खाना बर्बाद हो जाता है। यह समस्या कई बार लोगों ने निगम तक पहुंचाई लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है। लोगों का कहना है कि निगम ने उन्हें ऐसे हाल पर छोड़ दिया है कि अब उन्हें लगने लगा कि शायद अब यही उनकी नियती है।

कीटनाशक के छिडक़ाव पर सामान्य सभा में बोला गया झूठ
पिछले महीने हुई सामान्य सभा के दौरान विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए सत्ता पक्ष ने कहा था कि अगर कचरा डंप हो रहा है तो उससे होने वाली परेशानी को दूर करने के लिए निगम दो से तीन दिन के अंतराल में कीटनाशक का छिडक़ाव कर रहा है जबकि इलाके के लोगों ने कहा कि शुरुआत में जब उन्होंने डंपिंग का विरोध किया था तभी एक-दो बार छिड?ाव किया गया उसके बाद से छिडक़ाव कभी हुआ ही नहीं।

जहां कचरा डंप हो रहा वहां निर्माण कार्य कैसे सफल होगा
निगम की सामान्य सभा में जिम्मेदारों ने यह भी कहा था कि कचरा डंप कर हम गड्ढे को पाटने का काम कर रहे हैं और जब गड्डा पट जाएगा तो वहां पर सामुदायिक भवन और आंगनबाड़ी जैसे निर्माण कार्य किए जा सकेंगे। अब सवाल उठता है कि जिस जगह के बेस में कचरा होगा वहां पर निर्माण कैसे सफल होगा वह जमीन तो खोखली होगी। निगम के दावे बिना सिर-पैर के ही साबित हो रहे हैं। इस बीच खामियाजा सिर्फ डोंगाघाट के रहवासी ही भुगत रहे हैं।

मामला आपराधिक, एफआईआर करवाएंगे
डोंगाघाट के लोगों के साथ हो रहे अन्याय को लेकर हम जल्द ही एफआईआर करवाने जा रहे हैं, क्योंकि यह पूरा मामला आपराधिक है। सारे नियमों को निगम के जिम्मेदारों ने ताक पर रख दिया है। डीजल की खपत ज्यादा दिखाकर कंगोली की जगह यहां पर कचरा डंप कर लोगों की जान खतरे में डाल रहे हैं।
संजय पांडेय, नेता प्रतिपक्ष