
भगवान बालाजी का विवाह
Lord Balaji's marriage: बालाजी मंदिर जगदलपुर(Lord Balaji Temple) के 22वें वार्षिक महोत्सव के तहत दूसरे दिन श्रीनिवास कल्याणम विधान के तहत धूमधाम से भगवान बालाजी की बारात निकाली गई। भगवान की बारात में बैंड-बाजे, ढोल-नगाड़े और आतिशबाजी के बीच भक्ति में डूबे श्रद्धालु नाचते हुए मंदिर प्रांगण पहुंचे।
बता दें कि भगवान श्रीनिवास(Lord Srinivasa) के विवाह के इस स्वांग में इंद्रावती विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष राजीव शर्मा दंपति ने वर पक्ष की भूमिका अदा की, जबकि कचोरा निवासी मुम्मनी अप्पल नायडू दंपति ने वधू पक्ष की भूमिका निभाई। बालाजी मंदिर प्रांगण में भगवान का विवाह महोत्सव देर रात तक जारी रहा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में भक्तों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।
देव प्रतिमाओं का अभिषेक विधान
इससे पहले प्रात:कालीन सत्र में देव प्रतिमाओं का अभिषेक विधान संपन्न हुआ। 160 से अधिक चाँदी के कलशों सहित पीतल और मिट्टी के 1008 कलशों में भरे पंचामृत और सुगंधित द्रव्यों से मंत्रोच्चार के मध्य भगान का महा अभिषेक किया गया। भक्तों ने कलश के साथ मंदिर की परिक्रमा कर गर्भ गृह में स्थापित देव प्रतिमाओं के साथ साथ उत्सव प्रतिमाओं का अभिषेक किया। महा अभिषेक में सैकड़ों की संख्या में भक्तों ने भाग लिया। शनिवार सुबह हुए सुप्रभातम, नित्य आराधना , वेदपारायण मंगलाशासनम, बालभोग वितरण किया गया।
कुमकुम पूजा
श्री बालाजीमंदिर(Lord Balaji Temple) के वार्षिक महोत्सव के तीसरे दिन आज यानि गुरुवार को सुबह 10 बजे से महिलाओं हेतु कुमकुम पूजा विधान संपन्न किया जा रहा है। रविवार सुबह सुप्रभात पूजा के बाद पूजा मंडप में भगवान को फूलों से अलंकृत कर महिलाएं सामूहिक रूप से मंदिर परिसर में कुमकुम पूजा करेंगी। कुमकुम पूजा के लिये टेंपल कमेटी की ओर से महिलाओं को पूजा सामग्री दी जायेगी। श्री बालाजी मंदिर (Lord Balaji Temple)के प्रधानाचार्य श्रीकांताचार्युलू ने बताया कि महिलाएं अपने सुहाग एवं परिजनों के सुदीर्घ, समृद्ध एवं स्वस्थ जीवन की कामना लिए कुमकुम पूजा करतीं हैं।
Published on:
02 Feb 2023 01:33 pm
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