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शराब की कॉकटेल में मिलाई जा रही बस्तर की कई जड़ी बूटियां, अब फ्रांस भेजने की हो रही तैयारी

Bastaria Brand Mahua Liquor: बस्तरिया ब्रांड महुआ शराब के फ्रांस में जिस तरह विदेशी पसंद कर रहे हैं उसे देखते हुए अब इस शराब की कॉकटेल के निर्माण के लिए प्रयास किया गया जो सफल रहा। कॉकटेल की रेसिपी तैयार करने 6 फ्रांसिसीयों दल बस्तर पहुचा था।

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शराब की कॉकटेल में मिलाई जा रही बस्तर की कई जड़ी बूटियां

File Photo

Bastaria Brand Mahua Liquor: बस्तरिया ब्रांड महुआ शराब के फ्रांस में जिस तरह विदेशी पसंद कर रहे हैं उसे देखते हुए अब इस शराब की कॉकटेल के निर्माण के लिए प्रयास किया गया जो सफल रहा। कॉकटेल की रेसिपी तैयार करने 6 फ्रांसिसीयों दल बस्तर पहुचा था। इसमें कुल 22 लोगों की टीम शामिल थी।

कॉकटेल बनाने के दौरान इसकी टे स्टिंग पेरिस से पहुचे कॉकटेल मास्टर ऐले क्रिक्स व मेटियस ने किया। इस दौरान उन्होंने बस्तरिया महुआ से निर्मित शराब की जमकर तारीफ करते हुए इसे बहुत अच्छा शराब बताया। फ्रांस में इस शराब की निर्माण करने वालीे संस्थान के प्रमुख राहुल श्रीवास्तव व शुभांक चंद्राकर हैं जिन्होंने बस्तर महुआ का फ्रेंच टेक्नीक से शराब बनाकर बस्तर को विश्व मान चित्र में नई पहचान दिलाया है।

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चापड़ा चीटी, जंगली धनिया सहित जंगली तुलसी बढ़ायेगा स्वाद
शराब की कॉकटेल बना रही टीम के प्रमुख राहुल श्रीवास्तव व शुभांक चंद्राकर ने पत्रिका को बताया कि वह बस्तर की महुआ निर्मित शराब से विदेशों में एक नई तरह का टेस्ट देना चाह रहे हैं। इसके लिए बकायदा यहां कुरंदी के घने जंगलों में मिलने वाली जड़ी बूटियों का इस्तेमाल करने जा रहे हैं। कॉकटेल बनाने में प्रमुख जड़ी बूटियों में चापड़ा चीटी, जंगली धनिया, जंगली तुलसी, शतावरी, कच्चा महुआ, बेल और नीबू शामिल हैं। इस शराब के कॉकटेल आने वाले दिनों में पूरे फ्रांस में छा जायेगा ऐसी उम्मीद किया जा रहा है।

बस्तरिया आदिवासियों को मिलेगा रोजगार
बस्तर में महुआ आदिवासियों के आय का प्रमुख स्त्रोत है। वे महुआ के पेड़ की पूजा और सुरक्षा करते है यहां की आदिम संस्कृति और जीवन रेखा माना जाने वाले महुआ कि संग्रहण और संवर्धन को बढ़ावा देने योजना बनाया जायेगा। शराब की निर्माण करने वाले संस्था के प्रमुख के मुताबिक आने वाले दिनों में बस्तर की आदिवासियों के विकास के लिए कई तरह के कार्यक्रम चलाये जायेंगे ।

बस्तरिया ब्रांड शराब की सफलता के बाद इसकी कॉकटेल बना रहे दल ने बस्तर पहुंच कर इसे नयी पहचान देने के लिये यहां के जंगलों में पाया जाने वाला जड़ी बूटियों का इस्तेमाल किया है। इस प्रयोग से इस शराब से निर्मित कॉकटेल शरीर के लिए फायदेमंद भी होगा। इसके लिए प्रतिनिधियों का दल कुरंदी के जंगल में स्थानीय स्वसहायता समूह की महिलाओं के साथ जड़ी बूटियों के बारे में जानकारी लिया। इस दौरान कुछ जड़ी बूटियों को साथ में लाकर कॉकटेल के लिए तैयार किया।