जगदलपुर. बस्तर में नक्सलियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। मुखबिरी के नाम पर हत्या के बाद शुक्रवार की शाम नक्सलियों ने सबसे सुरक्षित माने जाने वाली बीजापुर-गंगालुर मार्ग को आईईडी विस्फोट कर उड़ा दिया। यह विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि एक फीट मोटी सीसी सडक़ टूकड़े टूकड़े हो गए और विस्फोट वाली जगह में करीब ५ फीट गहरा गड्ढा हो गया। अच्छी बात यह रही कि इसमें किसी को कोई नुकसान नहंी हुआ है।
बताया जा रहा है कि नक्सलियों ने सुरक्षा बल के जवानों को निशाना बनाने लिए यह आईईडी प्लांट किया था। लेकिन वे ऐसा नहीं कर पाए। जानकार बताते हैं कि नक्सलियों ने इस विस्फोट के पीछे का कारण जवानों को नुकसान पहुंचाना कम और अपनी मौजूदगी दिखाना प्रमुख कारण था। यही वजह है कि जवानों को निशाना बनाने की जगह उनकी गैर मौजूदगी में ही इस घटना को अंजाम दिया। पुलिस के मुताबिक घटना की सूचना के बाद करीब के कैंप से जवानों की टीम को घटना स्थल के लिए रवाना किया गया जो देर रात तक सडक़ को सुधारने में जुटे रहे। हालांकि सूचना के मुताबिक अब सडक़ मार्ग बहाल नहीं हो पाई है और फिलहाल ब्लास्ट के बाद बीजापुर-गंगालूर मार्ग पर आवाजाही बंद हो गया है।
पांच दिन में विस्फोट की तीसरी बड़ी घटना
बीजापुर जिले में दो दिनों के भीतर ब्लास्ट की यह दूसरी घटना है। गुरूवार को माओवादियों द्वारा लगाए गए आईईडी ब्लास्ट की चपेट में आने से सीआरपीएफ का एक जवान घायल हो गया था। पाण्डेमुर्गा के पास यह विस्फोट हुआ जिसमें सीआरपीएफ जवान रवि कुमार जख्मी हो गए थे। भैरमगढ में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रायपुर रेफर किया गया था। वहीं सोमवार को बीजापुर जिले के ही तिमेनार एटेपाल के बीच हुए प्रेशर आईईडी ब्लास्ट में सीएएफ के असिस्टेंट प्लाटून कमांडर विजय यादव की शहादत हुई थी। घटना उस समय हुई जब सडक़ निर्माण कार्य की सुरक्षा देने जवानों की टुकड़ी सर्चिंग पर निकली थी। वहीं शुक्रवार को इस घटना के बाद फिर से इलाके में नक्सली दहशत घर कर गई है।