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नक्सलियों की निगाहें ‘कोविशील्ड’ पर, बस्तर में वैक्सीन लूट सकते हैं नक्सली इसलिए प्रशासन अलर्ट

- बस्तर में कोरोना का वैक्सीनेशन 16 जनवरी से होगा शुरू - कोरोना के खतरे के बीच नक्सली कर सकते हैं वैक्सीन की लूट जैसी वारदात

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जगदलपुर. बस्तर में कोरोना का वैक्सीनेशन (Corona Vaccination) 16 जनवरी से शुरू हो जाएगा। ऐसे में प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती इसे बस्तर संभाग के जिलों और वहां के अंदरूनी केंद्रों तक लेकर जाने की है, क्योंकि कई इलाकों में नक्सलियों की धमक है। ऐसे में वैक्सीन लूटे जाने का भी डर है। खुफिया इनपुट पर प्रशासन सतर्क हो गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक उन्हें भी शक है कि कोरोना के खतरे के बीच नक्सली वैक्सीन की लूट जैसी वारदात कर सकते हैं। ऐसे में अब इन्हें सुरक्षित रूप में केंद्रों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी एक बार फिर पुलिस के कंधों पर होगी।

बस्तर आईजी सुंदरराज पी. ने बताया कि बस्तर में कई इलाके नक्सल प्रभावित हैं। लेकिन यहां लोगों को कोरोना के खतरे से बचाने के लिए वैक्सीन पहुंचाना भी जरूरी है। वैक्सीन सुरक्षित कोल्ड चैन पॉइंट व केंद्रों तक पहुंचाने के लिए जो भी हो सकेगा, पुलिस करेगी। बस्तर के बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा और नारायणपुर जिले में विशेष सतर्कता बरती जाएगी।

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पहचान बदलकर वैक्सीन लगाना बहुत मुश्किल, इसलिए लूट की आशंका
कोरोना वैक्सीन को पहचान बदलकर लगाना नामुकिन है। वैक्सीन लगाने के पहले की इतनी औपचारिकताएं है कि दूसरे का वैक्सीन लगाना नामुनकिन है। ऐसे में नक्सलियों को उनकी पहचान बदलकर वैक्सीन लगाने का रास्ता खत्म हो चुका है। वहीं उनके बीच कोरोना की दहशत बनी हुई है। ऐसे में उनके सामने वैक्सीन की लूट के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है। यह बात प्रशासन भी समझ रही है। इसे देखते हुए ही लूट की आशंका प्रशासन व पुलिस समझ रही है और अब पुलिस एक-चार के गार्ड के साथ कोरोना वैक्सीन वैन के साथ टीम जाएगी।

बारूद से लेकर राशन तक लूट कर चुके हैं नक्सली
नक्सली इससे पहले भी बस्तर में सुरक्षा बलों से मुठभेड़ में हथियार के अलावा रायपुर-जगदलपुर मार्ग पर बारूद से भरे ट्रक की लूट कर चुके हैं। वहीं अंदरूनी इलाकों में राशन की लूट की भी खबर समय समय पर आती रहती है। ऐसे में नक्सली अब वैक्सीन पर भी हमला बोल सकते हैं। इस तरह का डर स्वास्थ्य विभाग और जिला पुलिस को भी है।

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बस्तर रेंज आईजी सुंदरराज पी. ने कहा, नक्सल प्रभावित इलाके में कोरोना वैक्सीन वाहन के साथ शासन द्वारा गाइडलाइन के तहत काम किया जाएगा। वहीं केंद्रों तक पहुंचाने के लिए पुलिस के जवान भी तैनात रहेंगे। मुश्किल की घड़ी में बस्तरवासियों की मदद के लिए पुलिस के जवान हर मोर्चे पर तैनात हैं और अपनी सेवा देने के लिए मुस्तैद हैं।