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इंटरनेशनल स्पेस युनिवर्सिटी में 9 सप्ताह का फेलोशिप पूरा कर नित्या पहुंची घर, हुआ जोशीला स्वागत

कोंडागांव की नित्या पांडे, कल्पना चांवला स्कॉलरशिप (Kalpana Chawla scholarship) प्रोग्राम के तहत चयनित होकर (International space university) इंटरनेशनल स्पेस युनिवर्सिटी में पहुंची थी।      

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इंटरनेशनल स्पेस युनिवर्सिटी में 9 सप्ताह का फेलोशिप पूरा कर नित्या पहुंची घर, हुआ जोशीला स्वागत

इंटरनेशनल स्पेस युनिवर्सिटी में 9 सप्ताह का फेलोशिप पूरा कर नित्या पहुंची घर, हुआ जोशीला स्वागत

कोण्डागांव. अंतरिक्ष में कदम रखने की तमन्ना रखने वाली कोण्डागांव निवासी नित्या पांडे ने अंतराष्ट्रीय स्पेश विश्वविद्यालय (International space university) फ्रांस में 9 सप्ताह का कल्पना चावला फेलोशिप (Kalpana Chawla Felloship) पूरा करने के बाद रविवार की देर शाम अपने गृहग्राम कोण्डागांव पहुंची। जहां नगर के विभिन्न वर्गों के लोगों ने उनका जोशीला स्वागत किया और उनकी इस सफलता के लिए उन्हें बधाई देने वालों का तांता रात तक उनके घर पर लगा रहा।

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‘पत्रिका’ से बात करते हुए नित्या ने बताया कि, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (Indian Institute of Science) के माध्यम से भारत की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री के नाम से दिए जाने वाला कल्पना चावला स्कॉलरशिप (Kalpana Chawla scholarship) उन्हें मिला था। जिसके माध्यम से वह इस विश्वविद्यालय तक अंतरिक्ष विज्ञान के विषय में और अधिक जानने व समझने के लिए जाने का मौका मिला। ज्ञात हो कि, कल्पना चावला स्कॉलरशिप पाने वाली देश की उन चार युवाओं में नित्या भी शामिल थी जिन्हें इसके माध्यम से उन्हें अध्ययन का 86 प्रतिशत खर्च फेलोसिप से मिला था। नित्या पांडे की स्नातक तक की शिक्षा जिले के विभिन्न विद्यालयों में रहते हुए पूरी की और पीजी कॉलेज से बीएससी करने के बाद वह एस्ट्रोफि जिक्स में एसएससी करने राजधानी चली गई। जहां से उन्हें अपने इस विषय में 100 में 99 अंक भी अर्जित किए थे और इसी दौरान उन्हें इस फेलोशिप के बारे में जानकारी मिली थी और उन्होंने ऑनलाईन आवेदन किया था।

रूकावटें जरूर आएगी पर हौसला रखना होगा
नित्या कहती है, जब उनका कल्पना चावला फेलोशिप के लिए चयन हुआ तो कुछ लोगों ने इसे केवल दो माह का ट्रेनिंग प्रोग्राम कहते हुए उनकी इस सफ लता को दरकिनार भी करना चाहा। लेकिन उसने हौसला नहीं हारी और देश छोडक़र विदेश में अपना यह ट्रेनिंग प्रोग्राम सफ लता पूर्वक पूरा किया। उन्होंने बताया कि, इस दौरान वह कई अंतरिक्ष वैज्ञानिकों से मिली और उनके अनुभवों के साथ ही बहुत कुछ सिखने को मिला। आज नित्या पांडे किसी पहचान को मोहताज तो नहीं यही वजह है कि, नित्या के कोण्डागांव पहुंचने के बाद स्थानीय युवाओं के साथ ही दूर-दराज के युवा भी उनसे मिलने पहुंचकर उनके अनुभवों से रूबरू हो रहे हैं। वहीं नित्या आगे पीएचडी कर अंतरिक्ष वैज्ञानिक बनकर अपना कैरियर बनाना चाहती है।

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