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Maharani Hospital Jagdalpur: बस्तर में सर्दी की दस्तक के साथ ही खांसी, जुकाम लोगों को सताने लगा है। कोरोना संक्रमण काल में होने वाली मौसमी बीमारी भी लोगों में भय पैदा कर रहा है। स्थिति यह है कि जरा सी सर्दी, खांसी, जुकाम या बुखार होने पर मरीज तुरंत डॉक्टरों को दिखाने अस्पताल पहुंच रहे हैं। इस वजह से जिला अस्पताल की ओपीडी भी 40 फीसदी तक बढ़ गई है। वहीं डॉक्टरों का कहना है कि मौसम बदल रहा है। हर तरह के सर्दी, खांसी, जुकाम या बुखार को कोरोना वायरस से जोडकर परेशान नहीं होना चाहिए। पहले जांच करवाएं। उसके बाद सही उपचार लें।
लापरवाही बरतने हो सकती है दिक्कत :
गौरतलब है कि मौसम में हो रहे परिवर्तन में लापरवाही बरतने से मौसमी बीमारियां पनप रही हैं। इनमें सबसे अधिक खांसी व जुकाम से लोग ग्रस्त हो रहे हैं। लेकिन कोरोना वायरस को लेकर लोगों में भय बना हुआ है। इसका असर जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या को देखकर स्पष्ट हो रहा है। स्थिति यह है कि अस्पताल की ओपीडी में सबसे अधिक मरीज खांसी व जुकाम के आ रहे हैं।
सामान्य दिनों में 300 तक पहुंचता था आंकड़ा:
कोरोनाकाल में महारानी की ओपीडी व आईपीडी में भारी कमी आयी थी। इस दौर में मुश्किल से 300 तक मरीजों की संख्या पहंचती थी। यह सामान्य दिनों में 900 से हजार तक रहती थी। कोरोना संक्रमण के कम होने और ठंड से होने वाली बिमारियों की वजह से अब मरीज ज्यादा संख्या में महारानी अस्पताल पहुंच रहे हैं। शुक्रवार और शनिवार को यह आंकड़ा 550 से 600 के बीच था।
जिंक, प्रोटीन और विटामिन प्रचूर मात्रा में लें
डॉक्टर के मुताबिक मौसम बदलने के साथ कफ, खांसी व फ्लू से लोग ग्रस्त हो रहे हैं। इसके साथ कोरोना का इंफेक्शन दोबारा से बढऩे के आसार हैं। ऐसे में सही डाइट व सावधानियां रखकर ही इंफेक्शन से बचाव किया जा सकता है। डाइट में जिंक, प्रोटीन व विटामिन सी को लेना बेहद जरूरी है। दूध में सभी न्यूट्रिएंट्स होते हैं। ऐसे में एक गिलास दूध जरूर पिएं। तनाव से बचें, क्योंकि तनाव इम्युनिटी को कम करता है। वहीं खाने में जिंक, प्रोटिन और विटामिन प्रचूर मात्रा में लें। जिससे की इम्युनिटी पॉवर स्टांग हो सके।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
डॉ. महेंद्र प्रसाद का कहना है कि शुरूआत सर्दी लापरवाही बरतने पर लोगों को अपने आगोश में ले लेती है। साधारण खांसी-जुखाम और बुखार कोरोना नहीं होता। साधारण खांसी, जुखाम और बुखार और कोरोना महामारी के लक्षण अगल-अगल होते हैं। वहीं बदलते हुए मौसम में काफी सतर्कता बरतने की जरूरत है। उन्होंने इस समय बच्चों पर विशेष ध्यान देने की बात कही। बच्चों को पूरे शरीर ढकने व घर से बाहर ले जाने के दौरान गर्म कपड़े के साथ कान, नाक व गले में कपड़े जरूर लगाने की बात कही।
Published on:
06 Dec 2022 12:23 pm
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