26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

छत्तीसगढ़ में कुएं से निकल रहा पेट्रोल, लोग बोले- अब बोर के पानी में भी गंध, लिया सैंपल

Chhattisgarh News: कुएं से पेट्रोल निकलने के मामले में अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। वहीं अब स्थानीय लोगों का कहना है कि अब बोर के पानी में भी गंध आ रहा है, ऐसे में पानी का सैंपल लिया गया..

2 min read
Google source verification
Chhattisgarh news

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में सामने आए कुएं से पेट्रोल निकलने के मामले में अब प्रशासन सख्त हो गया है। वार्ड नंबर-12 में दो घरों के कुएं से पानी की जगह पेट्रोल रिसाव की घटना के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रभावित क्षेत्र को सील कर दिया है। इलाके में सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू किया।

Chhattisgarh News: 21 स्थानों के लिए सैंपल

घटनास्थल पर पहुंची प्रशासनिक टीम ने आसपास के 21 स्थानों से पानी के सैंपल लिए और इनका परीक्षण किया, जिससे यह पुष्टि हुई कि पानी में कोई पेट्रोल की गंध नहीं पाई गई। इसके अतिरिक्त, ’’एच ऑयल फाइंडिंग’’ टेस्ट में भी कोई असामान्य तत्व नहीं मिला।

यह भी पढ़ें: CG News: कुएं से पानी की जगह निकलने लगा पेट्रोल, बाल्टी भर-भरकर निकालते रहे लोग, देखें वीडियो

बंद रहेंगे पेट्रोल पंप

आपको बता दें कि प्रारंभिक जांच के बाद, पेट्रोल पंप को बंद करने का निर्णय लिया गया और इलाके में किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए फायर ब्रिगेड और बिजली विभाग की टीमों को भी तैनात किया गया। क्षेत्र में आवाजाही रोकने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा उपाय किए, और लोगों को चेतावनी दी गई कि वे प्रभावित क्षेत्र से दूर रहें।

प्रशासन ने जारी किए निर्देश

जिला प्रशासन ने मामले में गहरी चिंता व्यक्त की है और घटना के कारण होने वाली किसी भी संभावित आपदा के लिए हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) को जिम्मेदार ठहराया है। प्रशासन ने निर्देश जारी किए हैं कि यदि इस रिसाव के कारण कोई हानि या दुर्घटना होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी एचपीसीएल की होगी। इसके अलावा, प्रभावित स्थल का आकलन करके तुरंत सुरक्षात्मक उपायों को लागू करने की भी बात कही गई है।

पानी के सैंपल को परीक्षण के लिए भेजा गया

सभी पानी के सैंपल को परीक्षण के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को भेजा गया है और फिलहाल अस्पतालों में उल्टी या बदहजमी के कोई मामले सामने नहीं आए हैं। प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्र में राज्य स्तरीय दल से परीक्षण कराए जाने और आवश्यक उपचारात्मक कदम उठाए जाने का निर्देश दिया गया है।