
शुरू हुई पेयजल की समस्या, अब प्यास बुझाने एक डेढ़ किलोमीटर का सफर तय कर ला रहे पीने का पानी
जगदलपुर. कोरोना संक्रमण के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्या शुरू हो गई है। प्यास बूझाने के लिए ग्रामीणों को तपती धूप में एक से ड़ेढ किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है। इतना ही नहीं पेयजल के लिए ग्रामीणों को सोसल डिस्टेंसिंग भी तोडऩा पड़ रहा है। हैंडपंप के पास पानी के लिए लोगों को लाइन में घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। इससे हैंडपंप के पास लोगों की भीड़ बढ़ रही है।
अबतक नहीं हुआ इंतजाम
बकावंड ब्लॉक के मसगांव में 6 पारा हैं जहां करीब 350 परिवार हैं। इस गांव में सिर्फ चार हैंडपंप है। इसमें से एक दो में ही ठीक से पानी आता है। गांव के आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 2 के पास एक हैंडपंप है। इस हैंडपंप से दो से तीन पारा के लोग पानी भरने आते है। इससे यहां पर पानी भरने के लिए लोगों की लाइन लगी रहता है। यहां पर पानी भरने के लिए लोग बर्तन, बाल्टी व अन्य सामान रख कर लाइन लगाते हैं। दोपहर करीब 2.30 बजे यहां पर पानी भरने के लिए लोगों की लाइन लगी हुई थी। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक पानी का इंतजार कर रहे थे। पत्रिका की टीम को देखकर सरपंच जैमिन कश्यप भी वहां पहुंच गई। सरपंच जैमिन ने बताया कि गांव में सिर्फ चार हैंडपंप है। इससे यहां पर पानी की समस्या बहुत ज्यादा है। लोगों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ता है। हैंडपंप की खुदाई कि गई है। यहां पर पानी के लिए मोटर पंप लगाया जाएगा, जिसका अब तक कनेक्शन नहीं हुआ है।
जिले के इन गांव में भी पेयजल की समस्या
इसमें मोरठपाल, पलवा व बाघनगुड़ा में सबसे ज्यादा पेयजल की समस्या है। ग्राम बाघनगुड़ा में पेयजल के लिए गांव में सिर्फ एक ही सोलर नल लगा हुआ है। जो दिनभर में सिर्फ एक बार ही चालू होता है। ऐसे में यहां पर पानी भरने के लिए लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। वहीं बकावंड ब्लॉक के ग्राम चोलनार में भी पेयजल की काफी समस्या है। गर्मी के दिनों में गांव के आधे से अधिक हैंडपंप ड्राई हो जाते हैं। ऐसे में गांव में पयेजल के लिए दो से तीन कुंए की खोदाई की गई है। गांव के आवासपारा के पंच जयराम सोनी ने बताया कि गांव में गर्मी की वजह से कुंए का जल स्तर भी घट रहा है। इससे पेयजल की काफी समस्या हो रही है।
Published on:
12 May 2020 03:05 pm
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