
दक्षिण अयोध्या के नाम से प्रसिद्ध, यहीं से रावण ने किया था सीता माता का अपहरण, 9 दिन तक राम के 9 अवतार की होती है पूजा, फिर...
बी. मुत्तयाल राव/कोंटा. सुकमा जिले के सीमावर्ती तेलंगाना में इन दिनों बैकुंठ एकादशी मनाया जा रहा है। भ्रदाचलम को दक्षिण की अयोध्या भी कहा जाता है। यहां आने वाले नौ दिन तक भगवान के 9 अवतार को दर्शाया जाता है। इसके चलते रविवार को भगवान राम की प्रतिमा को नौका विहार कराया गया। मान्यता है कि बैकुंठ एकादशी पर भगवान राम सीता समेत साल में एक ही दिन श्रद्धालुओं को दर्शन देते हैं। इस आयोजन में सहभागी बनने लाखों की संख्या में भक्त भद्राचलम पहुंचे हैं। गोदावरी में एक सजे सजाए नौका मेंं भगवान की झांकी सजाई गई है।
भद्राचलम का सीता राम मंदिर
तेलंगाना के खम्मम जिले में स्थित भद्राचलम को मंदिरों की नगरी कहा जाता है। भद्राचलन में वैसे तो कई मंदिर हैं लेकिन यहां का श्री सीता रामचंद्र स्वामी मंदिर सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है जिसकी वजह से इस शहर को दक्षिण की अयोध्या के नाम से भी जाना जाता है।
देवी सीता के पैरों के निशान मौजूद
भद्राचलम से करीब 32 किलोमीटर दूर पर्णशाला नाम की एक जगह है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसारए भगवान राम ने अपने 14 वर्षों के वनवास का एक हिस्सा इसी जगह पर बिताया था और रावण ने इसी जगह से देवी सीता का अपहरण किया था। यहां आने वाले टूरिस्ट्स को रामायण काल से जुड़ी चीजें दिखाने के मकसद से पर्णशाला में देवी सीता के पैरों के निशान मौजूद हैं, स्वर्ण हिरण बनकर आए मारीछ की तस्वीर और भिक्षाटन के लिए सन्यासी बनकर आए रावण की भी तस्वीरें मौजूद हैं।
Published on:
06 Jan 2020 11:59 am
