
दंतेवाडा जिले के सरकारी आश्रम के अधीक्षक ने अपनी मेहनत से आश्रम परिसर को बनाया हराभरा
ंतेवाड़ा.दक्षिण बस्तर के गीदम ब्लॉक के कासोली में लहलहा रही गोभी की यह फसल किसी खेत की उपज नहीं, बल्कि यहां संचालित सरकारी बालक आश्रम की बाड़ी का नजारा है। इस बाड़ी के जरिए बच्चों को बागवानी और कृषि की व्यवहारिक शिक्षा बच्चों को देने का प्रयास किया जाता है। पौधों की सिंचाई के लिए ड्रिप इरीगेशन की उन्नत तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। यह अभिनव पहल आश्रम अधीक्षक व युवा शिक्षक श्रीचंद नाग ने की है। नाग पहले भी ऐसा प्रयोग करते आ रहे हैं। वे इसके पहले प्रीमैट्रिक छात्रावास छिंदनार में पदस्थ रहने के दौरान भी जैविक तरीके से हरी सब्जियां उगाकर खासी सराहना पा चुके हैं। पढ़ाई के अलावा खाली समय में सब्जी की फसल उगाने और इसकी सिंचाई, निंदाई, गुड़ाई का काम करते हैं। इससे बच्चों को भोजन में ताजी हरी सब्जियां भी मिल जाती हैं, और वे इसे उगाने की उन्नत तकनीक से भी परिचित होते हैं। इसके अलावा आश्रम में उगाए गए पपीता और मुनगा के दर्जनों पेड़ भी साल भर पौष्टिक फल देते हैं। दरअसल, जिले में कलेक्टर दीपक सोनी की पहल पर शिक्षण संस्थानों व आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण बाड़ी में विकसित करने का कांसेप्ट लागू किया गया है, जिसे कासोली के शिक्षक श्रीचंद नाग अपने अनुभव से मूर्त रूप देकर सराहना पा रहे हैं। इस कार्य में सहायक आयुक्त डॉ आनंदजी सिंह ने उन्हें प्रेरित किया। श्रीचंद की इसी प्रयोगधर्मिता से प्रभावित होकर यहां पदस्थ रहे तीनों कलेक्टर केसी देवसेनापति, सौरभ कुमार व टोपेश्वर वर्मा उन्हें जिला स्तर पर सम्मानित भी कर चुके हैं। साथ ही ज्ञानदूत पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है।
कोविड काल में बच्चे घर लौट चुके
इस 100 सीटर आश्रम में पहली से पांचवीं तक के बच्चे अध्ययनरत हैं। हालांकि कोविड संक्रमण की तीसरी लहर के चलते बच्चों को फिलहाल छुट्टी दी जा चुकी है। वहीं हाल ही में हुई बेमौसम बारिश व अंधड़ ने पत्ता गोभी व फूलगोभी की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया, वरना नतीजा और भी बेहतर हो सकता था। अब भी बाड़ी में मिर्च, टमाटर, बैंगन, पत्तागोभी की फसल लहलहा रही है। इसके साथ ही बच्चों को पढ़ाने के लिए नवाचारों का भी भरपूर उपयोग किया जाता है। श्रीचंद बताते हैं कि बच्चों को शिक्षा के साथ कृषि की तकनीक से परिचित कराना भी जरूरी है। इसी उद्देश्य से वे किचन गार्डन विकसित करने में रूचि लेते आ रहे हैं।
गार्डन की तरह नजर आता है आश्रम
आश्रम में सजावटी पौधों को रोपने और उन्हें आकार देने में भी खासी मेहनत की गई है, जिससे आश्रम परिसर का आंगन किसी खूबसूरत गार्डन की तरह नजर आता है।
Published on:
23 Jan 2022 10:32 pm
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