
टॉप नक्सली लीडर गणपति जिंदा हैं ( Photo - AI )
Patrika Interview: मनीष गुप्ता/सूर्य प्रकाश तिवारी. नक्सलवाद के खात्मे की दहलीज पर खड़े तेलंगाना के डीजीपी शिवधर रेड्डी ने पत्रिका से विशेष बातचीत में बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने शीर्ष नक्सलवादी नेता गणपति के जीवित (Naxal Leader Ganpati) होने की पुष्टि करते हुए शेष पांच बड़े नक्सलियों से सरेंडर की अपील की है। पिछले दो वर्षों में 761 माओवादियों का आत्मसमर्पण पुलिस की बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।
प्रश्न: तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (डीजीची) शिवधर रेड्डी ने भूमिगत नक्सलियों से क्या अपील की है?
जवाब: शिवधर रेड्डी ने अपील की है कि देश अब माओवाद से मुक्त होने की कगार पर है और तेलंगाना पूरी तरह नक्सल मुक्त हो चुका है। ऐसे में भूमिगत रहने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने शीर्ष नेता गणपति सहित अन्य नक्सलियों से आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का आह्वान किया है।
प्रश्न: क्या शीर्ष नक्सली नेता और केंद्रीय समिति का सदस्य गणपति जीवित है?
जवाब: हाँ, डीजीपी ने पुष्टि की है कि गणपति जीवित है। हालांकि वह अब संगठन का प्रमुख नहीं है, लेकिन उसकी मौजूदगी रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। पुलिस टीमें उसका समर्पण कराने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन अभी उसकी सटीक लोकेशन का पता नहीं चला है।
प्रश्न: तेलंगाना पुलिस के किन विभागों ने नक्सलियों के खात्मे और आत्मसमर्पण में मुख्य भूमिका निभाई है?
जवाब: तेलंगाना पुलिस की विशेष शाखाओं 'ग्रेहाउंड्स' और 'एसआईबी' (एसआईबी) ने नक्सलियों का आत्मसमर्पण कराने और उन्हें राष्ट्र की मुख्यधारा में शामिल करने में सबसे अहम भूमिका निभाई है।
प्रश्न: पिछले दो वर्षों में तेलंगाना में कितने नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है?
जवाब: आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो वर्षों में कुल 761 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है।
2024 में 47, 2025 में 509, 2026 में अब तक 205 ने हथियार डाले हैं।
प्रश्न: वर्तमान में तेलंगाना के कौन से बड़े माओवादी नेता अभी भी भूमिगत हैं?
जवाब: वर्तमान में केवल 5 बड़े माओवादी भूमिगत बचे हैं, जिनमें गणपति (केंद्रीय समिति सदस्य) पसनुरी नरहरी (केंद्रीय समिति सदस्य) जाड़े रत्ना बाई (एरिया कमेटी मेंबर - एसीएम)
वार्ता शेखर (एसीएम) रंगबोइना भाग्या है।
प्रश्न:आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए सरकार की क्या नीति है?
जवाब: डीजीपी ने स्पष्ट किया कि तेलंगाना सरकार की आत्मसमर्पण नीति के तहत सरेंडर करने वाले नक्सलियों को हर संभव सहायता, पुनर्वास और राष्ट्र की मुख्यधारा में शामिल होने के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
Updated on:
12 Apr 2026 12:50 pm
Published on:
12 Apr 2026 12:49 pm
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