
Tourist Place in CG: मनोज साहू. छत्तीसगढ़ के जगदलपुर जिले में जिस गांव में कभी सिर्फ नक्सलियों की चला करती थी। जहां सिर्फ खून-खराबा होता था उस जगह के हालात अब गांव वालों ने बिना किसी सरकारी मदद के बदल डाले हैं। गांव को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए गांव वालों ने लंबा संघर्ष किया है। खुद श्रमदान कर आपस में चंदा किया और गांव के उयधीर नाले में बैम्बू राफ्टिंग, कायकिंग और कैम्पिंग जोन बना दिया। हम बात कर रहे हैं नेतानार के बिजलीपारा की।
Tourist Place in CG: बिजलीपारा में लगभग 44 ग्रामीणों के समूह ने उयधीर नाले व इसके आसपास श्रमदान कर इसे एक खूबसूरत पर्यटन स्थल के रूप में बदल दिया है। सबसे खास बात यह है कि 29 ग्रामीणों ने आपस में 1.17 लाख रुपए चंदा कर यहां काम किया है। इंस्टाग्राम में इस जगह का प्रचार-प्रसार किया और यहां पर बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचने लगे हैं।
जिला मुख्यालय से लगभग 35 किमी दूर नेतानार इलाका कभी नक्सलियों के आतंक से का सामना कर रहा था। दस साल पहले इस पंचायत के चायकुर में नक्सलियों ने 2011 में आईईडी ब्लास्ट कर टीआई समेत 17 पुलिस कर्मियों को शहीद कर दिया था। अब हालात बदल गए हैं और यहां अब लोग प्राकृतिक सौंदर्य को निहारने के लिए पहुंच रहे हैं।
उयधीर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के संबंध में समिति के सदस्य हरि दास, मुन्ना नाग, मयाराम बघेल ने बताया कि उयधीर नाले में ग्रामीण पिकनिक मनाने के लिए आते थे। ऐसे में इस स्थान को पर्यटन स्थल बनाने का विचार कर गेहूंपदर और बिजलीपारा के युवाओं ने मिलकर धुड़मारास की तर्ज पर नाले का पानी को रोककर बैंम्बू राफ्टिंग, नौका विहार ओर कैम्पिंग सहित पिकनिक स्थल बनाने का निर्णय लिया और 45 दिनों के अथक मेहनत से इसे आकर्षक पर्यटन स्थल का रूप दिया। धुड़मारास में भी यहां जैसी सुविधाएं हैं और धुड़मारास को देश के श्रेष्ठ पर्यटन केंद्र का पुरस्कार मिल चुका है। साथ ही धुड़मारास यूनाइटेड नेशन की पर्यटन सूची में भी शामिल किया गया है।
Updated on:
29 Nov 2024 09:08 am
Published on:
29 Nov 2024 09:07 am
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