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श्रद्धा और संस्कृति का अनूठा संगम है जैबेल का पारंपरिक मेला, इस बार दर्जनों गांव के देवी-देवता हुए शामिल

Jebel Fair: जैबेल मेला आसपास के लिए बहुत बड़ा बैठता है यही वजह है कि यहां लोगों की भीड़ भी काफी होती है और यहां व्यापारी भी बड़ी संख्या में अपनी-अपनी दुकान सजाने पहुंचते हैं। आयोजन समिति के द्वारा रात्रि कालीन ओड़िया नाच का भी आयोजन किया गया था।

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श्रद्धा और संस्कृति का अनूठा संगम है जैबेल का पारंपरिक मेला

श्रद्धा और संस्कृति का अनूठा संगम है जैबेल का पारंपरिक मेला फ़ाइल फोटो

Jebel Fair: विकासखंड बकावंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत जैबेल(Jebel Fair) के वार्षिक पारंपरिक मेला का आयोजन सोमवार को उत्सव करो उत्सव पूर्वक संपन्न हुआ इस एक दिवसीय मेले में शामिल होने के लिए आसपास के देवी देवता के साथ उनके लाट, बैरंग,आंगा, यहां पहुंचे थे।

लोगों ने देवताओं से आशीर्वाद लिया और मेले परिसर की परिक्रमा के बाद मेले की विधिवत रूप से शुरुआत हुई वही परिक्रमा के देवी देवता एक निर्धारित स्थान पर एकत्रित हुए और अपनी अपनी शक्तियों का प्रदर्शन करते हो रहे। दो दिनों तक चलने वाले इस मेले(Jebel Fair) में ना केवल मनोरंजन के लिए बल्कि बहुत कुछ इन 2 दिनों तक लोगों को देखने और खरीदने को मिलेगा।


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रात्रि कालीन ओड़िया नाच का भी आयोजन
बताया जाता है कि यहां मेला(Jebel Fair) आसपास के लिए बहुत बड़ा बैठता है यही वजह है कि यहां लोगों की भीड़ भी काफी होती है और यहां व्यापारी भी बड़ी संख्या में अपनी-अपनी दुकान सजाने पहुंचते हैं। आयोजन समिति के द्वारा रात्रि कालीन ओड़िया नाच का भी आयोजन किया गया था।

छत्तीसगढ़ में मड़ई महोत्सव
छत्तीसगढ़ में मड़ई महोत्सव या मेला को एक प्रमुख त्योहार माना जाता है। मड़ई त्यौहार लोगों के जीवन को खुशियों से भर देता है। यह त्यौहार न सिर्फ मजेदार और मनमोहक है बल्कि यह राज्य की समृद्ध परंपरा और संस्कृति को भी दर्शाता है। खास तौर पर गोंड जनजाति से संबंधित लोग इस त्यौहार को काफी उत्साह और आनंद के साथ मनाते हैं। मड़ाई मेला का यह त्यौहार दिसंबर से मार्च के महीने तक मनाया जाता है।