
बस्तर जिले में सोलर से पहुंचाएंगे पेयजल
Jal Jeevan Mission: जल जीवन मिशन(Jal Jeevan Mission) के तहत केन्द्र सरकार ने घर-घर में नल कनेक्शन लगवाने की योजना पर युद्ध स्तर पर काम कर रही है। जिसमें लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, जिला पंचायत और क्रेडा विभाग की ओर से बोर खनन, पाइप लाइन बिछाने, पानी टंकी बनाने का काम किया जा रहा है। पर बगैर बिजली के भूमिगत पानी को लिफ्ट कर टँकी से पाइपलाइन के जरिए पानी सप्लाई करना तभी संभव है, जब उस गांव में बिजली की व्यवस्था हो। विडंबना है कि आज भी बस्तर के कुछ पहुंच विहीन गांव में बिजली नहीं है।
सोलर सिस्टम से हो रहा बिजली उत्पादन
ऐसे 219 गांव के पारा, मोहल्ला में पानी पहुँच सके, इसलिए क्रेडा विभाग की मदद ली जा रही है और सोलर सिस्टम से बिजली उतपन्न कर इन इलाकों में पेयजल (Jal Jeevan Mission)पहुचाने की व्यवस्था की जा रही है। क्रेडा विभाग के मुताबिक 169 गांव में काम पूर्ण हो चुका है, शेष 50 गांव में काम चालू है। जिन ग्रामों में पूर्व से नल जल योजना लागू नहीं है, वहां पर उपलब्ध भू-गर्भ जल के लिए बोर, पाइप, पम्प, टंकी, वितरण लाइन, बिजली कनेक्शन, संचालन व्यवस्था बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिल कर काम करेगी।
जहां भू-गर्भ जल प्रदूषित है। आर्सेनिक आयरन, फ्लोराइड जैसी अशुद्धि की समस्या है। वहां फिल्टर प्लांट इत्यादि के लिए पेयजल को शुद्ध किया जाएगा। हर गांव के घर में स्थानीय निकाय पंचायतों के सहयोग से पाइप लाइन के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए कार्य जारी है। इसके लिए योजनाबद्ध तरीके से गांवों में रह रहे लोगों तक पेयजल(Jal Jeevan Mission) सुनिश्चित की गई है।
व्यवस्था का सुचारू रूप से संचालन किए जाने के लिए न्यूनतम राशि का भुगतान हर लाभान्वित परिवार को मासिक रूप से देना होगा। ताकि मेंटनेंस व बिजली का खर्च वहन किया जा सके।
जिन गांव में अब तक नल जल योजना नहीं है उन्हें किया शामिल
विभाग की मानें तो नल कनेक्शन(Jal Jeevan Mission) के लिए घर तक की जाने वाली पाइप लाइन की व्यवस्था के लिए अनुसूचित क्षेत्रों में पांच प्रतिशत और सामान्य क्षेत्र में 10 प्रतिशत तक का जन भागीदारी के रूप में राशि ली जाएगी। शेष राशि का राज्य और केंद्र सरकार द्वारा वहन की जाएगी। छत्तीसगढ़ सरकार ने मार्च 2024 तक सभी घरों तक उच्च गुणवत्ता का शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
इस मामले में डीडी सिदार, कार्यपालन अभियंता, क्रेडा ने कहा, बस्तर जिले के 159 ऐसे छोटे गांव जहां पर नल जल योजना लागू नहीं हुई है। गांव में सोलर पम्प की मदद से पेयजल उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है।
Published on:
16 Dec 2022 12:11 pm
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