
गर्दन और कंधे और आंखों पर पड़ रहा गंभीर असर
जगदलपुर। CG Health Report : इन दिनों शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में किशोर, युवाओं व विद्यार्थियों के बीच स्मार्टफोन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। लगातार इसके उपयोग से सभी इसके लत का शिकार हो रहे हैं। इसके अधिक प्रयोग से गर्दन और कंधे की समस्या तेजी से बढ़ रही है तो वहीं आंखें भी खराब हो रही हैं। चिकित्सकों के मुताबिक मोबाइल का अधिक प्रयोग आने वाले समय में मोबाइल चलाने के नशें में युवा कई समस्याओं से भी ग्रसित हो सकते हैं।
शोध से हुआ खुलासा
शहर के एक निजी स्कूल में 400 विद्यार्थियों पर किए गए शोध में 240 में स्मार्टफोन एडिक्शन पाया गया। शोध में 95 फासदी लड़कियां शामिल थीं। शोध में पाया गया कि अधिकांश छात्र छात्राएं स्मार्टफोन एडिक्ट के शिकार पाये गये। इस शोध के दौरान एक प्रश्नोत्तरी दी गई जिसमें कुल 50 अंक निर्धारित थे। इस प्रश्नों के जवाब में 35 से अधिक सवालों के जवाब हां में देने पर उन्हें स्मार्टफोन एडिक्शन की श्रेणी में रखा गया। प्रश्नों के जवाब में अधिकतर युवाओं ने काम व पढ़ाई के दौरान अधिक फोन उपयोग करने की जानकारी दी। 35 डिग्री से नीचे झुकने में समस्या डॉ. निकिता शोभित ने बताया, हर व्यक्ति के सिर व्यायाम से मिला आराम विद्यार्थियों को फिजियोथेरेपी दी गई। 50% को 20 से 30 दिनों में ही आराम मिल गया, बाकी को डेढ़ माह तक तीन प्रकार का व्यायाम करवाया गया।
चिकित्सकों के मुताबिक किसी भी व्यक्ति के सिर का भार लगभग डेढ किलो के आस पास होता है। स्मार्टफोन चलाने के दौरान अगर गर्दन 30 से 35 डिग्री नीचे झुकती है तो सिर व गर्दन के बीच हड्डी पर लगभग 15 किलो भार पड़ता है। इससे गर्दन व कंधे का दर्द बढ़ता है इसके अलाव सिर दर्द की समस्या भी होती है।
लगातार स्मर्टफोन के उपयोग से बचें। जितना कम हो सके इसका इस्तेमाल कम से कम करें। सिर को गर्दन से लेकर कंघे तक व्यायाम करें। इससे भविष्य में आने वाले समस्या से बचा जा सकता है।
- डॉ विजेंद्र मोरला, फिजियोथेरेपिस्ट
पेंशनर्स ने अफसरों को बताई समस्याएं, समाधान का भरोसा
जगदलपुर। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के प्रतिनिधि मंडल ने भारतीय स्टेट बैंक के सेंट्रल प्रोसेसिंग सेल के महाप्रबंधक वाई. गोपालकृष्ण राव की अध्यक्षता में धरमपुरा स्थित बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय में बैठक हुई। बैठक में क्षेत्रीय प्रबंधक आभास कुमार सतपथी व मेन ब्रांच के प्रबंधक जीपी आचार्य भी मौजूद थे। संघ के पदाधिकारियों ने पेंशनर्स के लाइफ सर्टिफिकेट देने में हो रही दिक्कतों से अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि पेंशनर्स को मेन ब्रांच से अंग्रेजी में मुद्रित फॉर्म दिए जा रहे हैं, लेकिन कलेक्टोरेट ब्रांच में अंग्रेजी के फार्म लेने से मना किया जा रहा है। ऐसे में पेंशनर्स के पास दोहरी समस्या खड़ी हो गई है। इस पर सीपीसी के महाप्रबंधक राव ने सभी शाखाओं के लिए एक नियम लागू करने के निर्देश दिए। वहीं पेंशनर्स को होने वाली समस्याओं के त्वरित निराकरण करने का आश्वासन भी दिया है। इस दौरान संघ के रामनारायण ताटी, डी. रमन्ना राव, नागेश कापेवार सहित अन्य मौजूद थे।
Published on:
18 Nov 2023 05:03 pm

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