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बीसलपुर से बड़ी खबरः बांध में 105 सेंटीमीटर पानी आया, आवक जारी

बीसलपुर बांध में इस मानसून अब तक 105 सेंटीमीटर पानी की आवक हो चुकी है। जैसे-जैसे बांध का जलस्तर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे जयपुर और अजमेर को होने वाली पेयजल आपूर्ति के दिन भी बढ़ रहे हैं।
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बीसलपुर बांध का गेज हुआ 310.09 आरएल मीटर, त्रिवेणी का भी 4.30 मीटर के पार

बीसलपुर बांध का गेज हुआ 310.09 आरएल मीटर, त्रिवेणी का भी 4.30 मीटर के पार

जयपुर। बीसलपुर बांध में इस मानसून अब तक 105 सेंटीमीटर पानी की आवक हो चुकी है। जैसे-जैसे बांध का जलस्तर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे जयपुर और अजमेर को होने वाली पेयजल आपूर्ति के दिन भी बढ़ रहे हैं। बांध लबालब होता है तो लाखों लोगों को सालभर जमकर पानी दिया जा सकता है और यदि कमी रहती हो तो आगामी पेयजल आपूर्ति पर असर दिखाई दे सकता है। लेकिन अभी तक के आंकड़े बताते हैं कि बांध में इस मानसून आई बारिश से 100 दिन तक लोखों लोगों की प्यास बुझाई जाा सकती है। माानसून से पहले जलदाय विभाग का कहना था कि बांध का पानी नवंबर तक अजमेर और जयपुर की प्यास बुझा सकताा है। उधर, बांध के भराव क्षेत्र मे बह रही त्रिवेणी नदी लगातार चल रही है और बांध में धीरे-धीरे पानी आ रहा है।

बीसलपुर बांध का जलस्तर वर्तमान में 310.58 आरएल मीटर पहुंच गया है। पिछेले छह दिन से पानी की आवक बनी हुई है, हालाकि अभी भराव क्षेत्र में बारिश बंद हो चुकी है फिर भी त्रिवेणी 1.40 मीटर की ऊंचाई पर बह रही है। जिसके चलते माना जा रहा है कि त्रिवेणी से 20 सेंटीमीटर पानी और आ सकता है। उधर, मानसून को लेकर मौसम विभाग का कहना है कि अब कमजोर पड़ेगा। 11 से 20 अगस्त तक मानसून की गतिविधियां अति धीमी हो जाएंगी और 20 के बाद फिर से भारी बारिश होगी। बता दें कि वर्ष में बांध पर चादर चली थी और उस दौरान भी अगस्त में ही पानी की जमकर आवक हुई थी और सभी गेट खोलने पड़े थे। इस बार भी आस जग रही है कि 20 के बाद बांध में पानी की आवक तेजी के साथ बढ़ेगी।

12 ए क्लास बांधों के ठेके
प्रदेश में अच्छी बारिश और बांधों में पानी की लगातार आवक को देखते हुए मत्स्य विभाग ने गुरुवार को प्रदेश के 12 ए क्लास (बड़े) बांध के ठेके किए हैं। मत्स्य पालक विभाग संगठन राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष देवेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि राजस्थान के बांधोंं में इस मानसून पानी की आवक ज्यादा हो रही है जिससे मछली पालन अच्छा होने की उम्मीद है। जिन सूखे बांधों का पूर्व में ठेका हो चुका था, उनमें भी पानी आ रहा है ऐेसे में मत्स्य पालक की चिंता कुछ कम हो सकती है।

4 में अति भारी और 6 में भारी
मौसम विभाग की माने तो प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान 4 स्थानों पर अति भारी और 6 स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई है। झालावाड़ के खानपुर में सबसे अधिक 172 एमएम बारिश हुई। उधर, झालावाड़ के मनोहर थाना में 166, असनावर में 160, अकलेरा में 115 और झालावाड़ के ही पिड़ावा में 73 एमएम बारिश दर्ज की गई। इसी प्रकार बारां के छबड़ा में 112, अटरू में 90, किशनगंज में 87 और छीपाबड़ौद में 81 एमएम दर्ज की गई। कोटा की रामगंज मंडी में 74 और नागौर के डिडवाना में 72 एमएम बारिश दर्ज की गई।