
जयपुर। राहुल गांधी की मौजूदगी में मंगलवार काे पूर्व राज्यपाल कमला बेनीवाल के पुत्र आलोक बेनीवाल सहित 12 निर्दलीय विधायकों ने कांग्रेस के साथ हाथ मिला लिया। साथ ही भाजपा सरकार में मंत्री रहे घनश्याम तिवाड़ी और सुरेन्द्र गोयल भी कांग्रेस में शामिल हो गए। जिला प्रमुख मूलचन्द्र मीणा और भाजपा से बागी होकर हाल ही महापौर बने विष्णु लाटा, जनार्दन सिंह गहलोत और पूसाराम ने भी कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की।
इन 12 निर्दलीय विधायकों ने मिलाया कांग्रेस के साथ हाथ
कांग्रेस ने 12 निर्दलीय विधायकों का समर्थन लिया है। इनमें संयम लोढ़ा, आलोक बेनीवाल, बाबूलाल नागर, रामकेश मीणा, खुशवीर सिंह जोजावर, लक्ष्मण मीणा, कांति प्रसाद, राजकुमार गौड, महादेव सिंह, सुरेश टाक, बलजीत यादव, रमिला खडिय़ा शामिल हैं। इन 12 विधायकों में एक नाम है आलोक बेनीवाल का।
आलोक बेनीवाल पूर्व राज्यपाल कमला बेनीवाल के पुत्र हैं। उन्होंने जयपुर के शाहपुरा से पार्टी से बगावत कर 2018 का विधानसभा चुनाव कांग्रेस प्रत्याशी मनीष यादव को हराकर जीता। आलोक बेनीवाल गत दो विधानसभा चुनाव लगातार हार गए थे। इसी के चलते कांग्रेस ने उनको टिकट नहीं दिया था। इसके बाद उन्होंने बतौर निर्दलीय उम्मीदवार विधानसभा चुनाव लड़ा।
बेटे की जीत पर नाचने लगी थीं कमला बेनीवाल
निर्दलीय प्रत्याशी आलोक बेनीवाल के जीतने पर कार्यकर्ताओं को नाचते देखकर जैसे ही 92 वर्ष की अवस्था में पूर्व राज्यपाल कमला बेनीवाल भी नाचने लगी तो कार्यकर्ता भावुक हो गए थे। इससे पहले जैसे ही कमला बेनीवाल को अपने पुत्र आलोक बेनीवाल के जीतने की सूचना मिली तो उनकी आंखों में खुशी के आंसू आ गए।
गौरतलब है कि शाहपुरा विधानसभा क्षेत्र पहले बैराठ विधानसभा में ही आता था, लेकिन वर्ष 2008 में हुए परिसीमन में बैराठ विधानसभा को विभाजित कर विराटनगर एवं शाहपुरा दो नई विधानसभा सीटें बनाई गई थी। परिसीमन से पहले 2003 में भी भाजपा से राव राजेंद्र सिंह जीते थे और परिसीमन के बाद से वर्ष 2008 एवं 2013 में भाजपा से राव राजेंद्र सिंह जीते थे।
Updated on:
27 Mar 2019 09:02 am
Published on:
27 Mar 2019 08:58 am
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