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बोल और सुन नही सकती, मेहनत से पाई मेरिट में जगह

हैंडीकैप्ड केटेगरी में 12 आर्ट्स में 74 परसेंट मार्क्स हासिल किए हैं..

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जयपुर

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Rajesh

Jun 03, 2018

12th results 2018 : Merit student

जयपुर।

जय दुर्गा पब्लिक स्कूल की मनु शर्मा ने हैंडीकैप्ड केटेगरी में 12 आर्ट्स में 74 परसेंट मार्क्स हासिल किए हैं। ड्राइंग बनाने की शौकीन इस बच्ची को बचपन से ही सुनाई और बोलना नही आता। बावजूद इसके खुशमिजाज़ जी दादिल मनु ने अपनी पढ़ाई और ड्राइंग को अपने एक्सप्रेशन का जरिया बना लिया है। बड़ी होकर टीचर बन ने की ख्वाहिश रखने वाली मनु को उनके भाई, पेरेंट्स के अलावा टीचर्स और दोस्तों से भी काफी सहयोग मिलता है।

इधर, दृष्टिबाधित बच्चों ने शतरंज में दिखाया हुनर
दृष्टिबाधित बच्चों ने शतरंज में दिखाया हुनर -राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में ओपन टूर्नामेंट में कई जिलों से हिस्सा ले रहे प्रतिभागी जयपुर। शतरंज की बिसात पर शही और मात का खेल दिमागी कसरत के साथ नजरों की परख पर भी निर्भर करता है। कुछ ऐसा ही देखने को मिला लंगर के बाला जी स्थित राजस्थान नेत्रहीन कल्याण संस्थान में। शुक्रवार से शुरू हुई राज्य स्तरीय नेत्रहीन शतरंज प्रतियोगिता में रविवार को समापन दिवस पर हर कोई जीत के लिए आतुर नजर आया। आंखों की रोशनी के बिना ही ये दिव्यांग खिलाड़ी चेक-मेट का खेल उतनी ही तेजी से खेल रहे थे जितना कि सामान्य व्यक्ति खेलता है। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए 48 प्रतिभागियों ने रविवार को हुए फाइनल राउंड में जबरदस्त चालों का प्रदर्शन किया। तीन दिन चलने वाली प्रतियोगतिा के सात राउंड्स में सबसे ज्यादा अंक अर्जित करने वाले को प्रथम विजेता घोषित किया गया। वहीं हौसला अफजाई के तौर पर रैंक के आधार पर 10वें पायदान तक प़ुरस्कार दिए गए।

यहां से आए प्रतिभागी
जोधपुर , उदयपुर , पाली, श्रीगंगानगर, चुरू, अजमेर , ब्यावर, अलवर, भरतपुर, बीकानेर और सीकर से करीब 48 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। सरकार यहां भी उदासीन प्रतियोगिता में हिस्सा लेने आए सरकारी स्कूल के दिव्यांग प्राचार्य प्रकाशचंद खींची ने कहा कि दिव्यांगजनों को प्रोत्साहित करने के लिए इस प्रकार की प्रतियोगिताएं यूं तो सरकार को अपने स्तर पर आयोजित करनी चाहिए लेकिन इन्हें गैर सरकारी संगठन और सामाजिक संस्थाएं आयोजित कर रही हैं। सरकार की ओर से ऐसे खिलाडिय़ों के लिए कोई ठोस नीति नहीं होने के कारण दृष्टिबाधित खिलाडिय़ों को कम ही अवसर नौकरियों में मिल पा रहे हैं।