
प्रतीकात्मक तस्वीर
जयपुर। राजस्थान में मानसून की भारी बारिश के बीच नदियां उफान पर हैं और बांधों में जमकर पानी की आवक हुई। इसी बीच सप्ताहभर चली भारी बारिश के दौरान में लम्बे समय से सूखे पड़े 140 बांध भी भर गए। यह बड़ी राहत भरी बात रही, क्योंकि पिछले दिनों हुए ठेकों में मत्स्य पालकों ने सूखे बड़े बांधों पर भी दाव खेला था। अब सूखे बांधों में पानी आया है तो मत्स्य पालकों को कमाई में कमाई की उम्मीद जगी है। हालाकि प्रदेश में 279 बांध अब भी सूखे पड़े हैं। उधर, पिछले साल के मुकाबले प्रदेश के बांधों में 10 प्रतिशत पानी की आवक ज्यादा हो चुकी है। उम्मीद है कि मानसून की रवानगी तक 20 प्रतिशत पानी ज्यादा आ सकता है।
मानसून की झमाझम बारिश के बीच प्रदेश में कई जगह बाढ़ के हालात बने। नदी-नालों में जमकर पानी आआ। ऐसे में बांधों को भी संजीवनी मिली। प्रदेश में छोटे-बड़े मिलाकर कुल 727 बांध हैं। 29 जुलाई तक प्रदेश के 419 बांध सूखे पड़े थे और मानसून की बारिश को लेकर भी ज्यादा आस नहीं थी। राजस्थान के आसपास कम दबाव का क्षेत्र बना और यहां जमकर बारिश शुरू हो गई। मानसून की महर के चलते सात दिन के भीतर 140 सूखे बांधों में भी पानी की आवक शुरू हो गई। पानी की आवक की बात करें तो 2 अगस्त तक 83 सूखे बांधों में पानी की आवक हुई। इसके बाद 3 अगस्त तक यह संंख्या 132 तक पहुंच गई और 5 अगस्त तक 140 सूखे बांधों में पानी आ गया। राजस्थान के लिए यह अच्छा संदेश माना जा रहा है। वर्तमान में 727 में से 279 बांध अब तक सूखे हैं। लेकिन उम्मीद है कि मानसून की बारिश में इनके भी भरने की संभावना है।
बांधों में अभी 51.89 प्रतिशत पानी
राजस्थान में पानी की अच्छी आवक के बीच बांधोंं में कुल भराव का 51.89 प्रतिशत पानी दर्ज हो चुका है। जबकि पिछले साल 5 अगस्त तक बांधों में कुल 41.28 प्रतिशत ही पानी था। जल संसाधन विभाग की माने तो कोटा संभाग के बांधों में सबसे ज्यादा पानी की आवक हुई है। संभाग के 87 बांधों में 83.9 प्रतिशत पानी है। जबिक दूसरे नंबर पर उदयपुर संभाग है। जहां 256 बांधों में 42.2 प्रतिशत पानी है। तीसरे नंबर पर जयपुर संभाग के 216 बांध है, जिनमें 33.4 प्रतिशत पानी की आवक हुई है। सबसे कम पानी जोधपुर के 123 बांधों में है। यहां कुल भराव का मात्र 9 प्रतिशत ही पानी है।
वर्तमान में कहां कितना पानी
राणा प्रताप सागर-----------350.40 आरएल मीटर----कुल भराव का 84.90 प्रतिशत
कोटा वैराज----------------259.60 आरएल मीटर----कुल भराव का 96.31 प्रतिशत
जवाहर सागर--------------297.30 आरएल मीटर---- कुल भराव का 81.67 प्रतिशत
माही बजाज सागर----------272.40 आरएल मीटर---- कुल भराव का 52.86 प्रतिशत
बीसलपुर------------------310.58 आरएल मीटर----कुल भराव का 30.53 प्रतिशत
पार्वती डेम----------------223.15 आरएल मीटर----कुल भराव का 94.93 प्रतिशत
Updated on:
06 Aug 2021 01:00 pm
Published on:
06 Aug 2021 12:48 pm
