
सिर्फ वेब के लिए.......मनरेगा में बढ़े 15 लाख मजदूर, केन्द्र ने मांगी 4 माह की कार्ययोजना
जयपुर. कोरोना संकट में दूसरे राज्यों से प्रवासियों के प्रदेश में आने के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा मजदूरों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पिछले वर्ष जून माह से तुलना करें तो रिकॉर्ड 15 लाख से अधिक मजदूरों ने योजना के तहत अधिक रोजगार पाया है।
सूत्रों के अनुसार श्रमिकों की लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए केन्द्र सरकार ने राज्य से अगले चार माह तक की कार्ययोजना मांगी है। ताकि जरूरी आर्थिक संसाधनों का प्रबंधन किया जा सके। रिपोर्ट में राज्य में जून से सितम्बर तक सृजित होने वाले अनुमानित मानव दिवस, खर्च और कराए जा सकने वाले कार्यों का ब्यौरा सरकार देगी।
48 लाख श्रमिक कार्यरत
प्रदेश के जिलों से संकलित हुई रिपोर्ट के अनुसार शुक्रवार को राज्यभर में 48 लाख 31 हजार श्रमिकों का नियोजन योजना के तहत किया गया था। जबकि पिछले वर्ष जून में 32.98 लाख श्रमिक कार्यरत थे।
अप्रेल से जुड़े 2.33 लाख नए परिवार
प्रदेश में प्रवासी श्रमिकों के आगमन का असर योजना पर देखा जा रहा है। अप्रेल से अब तक चले लॉकडाउन के दौरान योजना के तहत 2.33 लाख नए जॉब कार्ड जारी किए गए हैं। माना जा रहा है कि इनमें से अधिकतर वह श्रमिक हैं, जो कोरोना संकट के दौरान दूसरे राज्यों से प्रदेश में आए हैं। इनमें सर्वाधिक 20 हजार 784 नए जॉब कार्ड भीलवाड़ा में, जबकि सबसे कम 962 हनुमानगढ़ में जोड़े गए हैं।
Published on:
07 Jun 2020 07:00 am
