
राजस्थान के जंगलों से बड़ी खबर आ रही हैं। यहां के बाघ संरक्षित क्षेत्रों से 15 बाघ और बाघिन गायब हो गए हैं। वह भी कोई एक दो दिन से नहीं गायब हैं बल्कि साल भर से लापता हैं लेकिन कोई सुराग नहीं मिला है। बाघ के बढ़ते कुनबे पर वाहवाही लूटने वाले अधिकारी मौत और गायब होने पर चुप्पी साधे बैठे हैं। सरिस्का से लेकर रणथंभौर तक घोर लापरवाही है लेकिन वनमंत्री अनभिज्ञ नजर आते हैं। केवल रणथम्भौर नेशनल पार्क में पांच वर्ष में 13 बाघ-बाघिन लापता हो चुके हैं।
सरिस्का टाइगर रिजर्व से एक वर्ष पहले गायब हुए बाघ की भी अब तक कोई जानकारी नहीं लग पाई। यहां से एक बाघ एसटी 24 लापता हो गया था। जमवा रामगढ़ के जंगल में इसके होने की सूचना मिली लेकिन अभी तक उसे देख नहीं पाए हैं। कैमरे के भरोसे देख रहे हैं। दो वर्ष पूर्व मुकुंदरा टाइगर रिजर्व से भी पांच बाघ गायब हो गए थे। कुछ दिन बाद में इनके भी शव मिले थे। विधानसभा में भी विपक्ष ने आवाज उठाई थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सर्विलांस सिस्टम पर भी सवाल
बाघ व पैंथरों की मॉनिटरिंग के लिए भाजपा सरकार ने 50 करोड़ रुपए खर्च कर वाइल्ड लाइफ सर्विलांस एंड एंटी पोचिंग सिस्टम लागू किया था। जंगलों में कैमरे लगाए गए थे। कई दावे किए गए थे। वे भी अब कागजी साबित हो रहे हैं।
यह भी आया सामने
● सरिस्का, रणथम्भौर, मुकुंदरा टाइगर रिजर्व में गत 5 वर्ष में 20 से ज्यादा बाघों की मौत हो चुकी।
● 3 बाघों के रणथम्भौर में शिकार होने की भी बात आई थी सामने।
● 5 वर्ष में रणथम्भौर में 90 शिकारियों को दबोचा जा चुका है।
● 5 संदिग्ध गत दिनों सरिस्का टाइगर रिजर्व में रात को घूमते कैमरा ट्रैप में नजर आए थे।
ये बाघ और बाघिन गायब
रणथम्भौर से टी47, टी 42, टी 72, टी 62, टी 95, टी 6, टी 23, टी 126, टी 20, टी64, टी 92, टी 73, टी 97 व टी 100 शामिल हैं। हाल ही करौली से बाघिन टी 118 भी कुछ दिन से गायब है। सरिस्का से एसटी 13 भी लापता है।
नहीं मिली कोई शिकायत
बाघों के गायब होने की जानकारी नहीं मिली। वे जंगल से कहां जाएंगे? वन अधिकारियों की भी इस संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली, अब मिलेगी तो, जरूर कार्रवाई करेंगे।
हेमाराम चौधरी, वन मंत्री
Published on:
14 Jan 2023 04:22 pm
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