
कागज पर घर मंजूर, पैसा अभी दूर
जयपुर. प्रधानमंत्री आवास योजना— ग्रामीण के तहत भले ही सरकार ने जिलों की लेटलतीफी पर लगाम की इस वर्ष के लिए तय करीब अस्सी फीसदी आवासों की मंजूरी जारी करा दी। लेकिन गरीब लाभार्थी के हाथ में पैसा नहीं आने से यह कवायद फिर से लेटलतीफी में फंसने की आशंका गहरा गई है।
ग्रामीण विकास महकमे ने जिलों को सख्त आदेश देकर पांच जनवरी तक सभी स्वीकृत आवासों के पेटे पहली किस्त जारी करने को कहा है, लेकिन मंजूर आवास और पहली किस्त जारी होने आंकड़ों में अंतर इतना बड़ा है कि पहले से विलंबित चल रही प्रक्रिया में अगले दस दिन में ही इसे पाट पाना मुश्किल नजर आ रहा है।
दरअसल, इस वर्ष के 3.97 लाख आवासों के लक्ष्य के विरुद्ध प्रदेश में 3.12 लाख की मंजूरी जिलों में जारी हो गई है। लेकिन पहली किस्त का पैसा महज 62 हजार ही लाभार्थियों को जारी किया गया है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब लाभार्थी को नियमानुसार पहली किस्त पैसा मिलेगा ही नहीं, तो वह आवास निर्माण कैसे शुरु कर पाएगा? मंजूरी के बाद भी यदि लाभार्थी को पैसा देने में देरी होती है तो यह योजना में आई गति को फिर से विलंबित कर देगा।
स्वीकृति के साथ ही किस्त जरूरी
योजना के नियमों के अनुसार लाभार्थी को आवास स्वीकृति के साथ ही पहली किस्त का पैसा मिलना चाहिए। ऐसे में देखें तो प्रदेश में सभी 3.12 लाख लाभार्थियों को पहली किस्त अब तक मिल जानी चाहिए थी। हालांकि हाल ही सरकार ने पहली किस्त में विलंब होने पर संबंधित जिला परिषद सीईओ पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
ऐसे मिलता है पैसा
पहली किस्त: 15 हजार रुपए स्वीकृति के साथ ही हस्तांतरित
दूसरी किस्त: 45 हजार रुपए की राशि दासा निर्माण पूरा होने पर
तीसरी किस्त: 60 हजार रुपए की राशि छत निर्माण होने पर लाभार्थी को देय
इन जिलों में हजारों को इंतजार
जिला— पहली किस्त बकाया
बाड़मेर— 29900
झालावाड़— 24744
उदयपुर— 23588
डूंगरपुर— 17809
बांसवाड़ा— 16308
Published on:
28 Dec 2021 08:34 pm
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