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Jaipur Literature Festival: शब्दों और विचारों के महाकुंभ का हुआ आगाज, 6 मंचों पर होंगे 266 सेशन, CM भजनलाल ने दिया ये संदेश

Jaipur Literature Festival: गुलाबी नगरी जयपुर एक बार फिर विचारों, शब्दों और संस्कृति के संगम की गवाह बनी है। विश्वप्रसिद्ध जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का भव्य आगाज हुआ, जहां देश-विदेश के लेखक, विचारक और साहित्य प्रेमी एक मंच पर संवाद करते नजर आए।

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CM-Bhajanlal

फोटो: प्रवीण कुमार वर्मा पत्रिका

CM Bhajanlal Sharma In JLF: गुलाबी नगरी एक बार फिर शब्दों, विचारों और संस्कृति के उत्सव की साक्षी बन गई है। विश्वप्रसिद्ध जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (JLF) का भव्य आगाज गुरुवार को हुआ। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दीप प्रज्वलन कर फेस्टिवल का उद्घाटन किया। इस मौके पर देश-विदेश से आए लेखक, विचारक, कलाकार और साहित्य प्रेमी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। यह फेस्टिवल 19 जनवरी तक चलेगा।

‘पधारो म्हारे देश’ के संदेश के साथ स्वागत

उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा, “पधारो म्हारे देश, आप सभी का राजस्थान में हार्दिक स्वागत है।” उन्होंने कहा कि राजस्थान की धरती ज्ञान, कला और संस्कृति की संवाहक रही है। यही कारण है कि जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में दुनिया भर के विद्वान एक मंच पर एकत्र होते हैं। यह आयोजन शब्दों का संगम है, जो साहित्य की दुनिया में नए मानक स्थापित करता है।

'गिफ्ट में देनी चाहिए किताबें :

सीएम ने कहा कि साहित्य मानव को करुणा, संवेदना और सेवाभाव से जोड़ता है। हमारे विद्वानों ने इसी भावना के साथ अनूठे साहित्य की रचना की है। उन्होंने प्रधानमंत्री के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि किताबें ज्ञान का प्रकाश फैलाती हैं, इसलिए पुस्तकों को उपहार में देना चाहिए।

6 मंच, 266 सेशन और 350 से अधिक वक्ता

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के 19वें संस्करण में इस बार 6 प्रमुख मंचों पर 266 सेशन होंगे, जिनमें करीब 350 से ज्यादा वक्ता संवाद करेंगे। इतिहास, राजनीति, समाज, साहित्य, कला, साइंस, टेक्नोलॉजी, इकोनॉमिक्स और जियो पॉलिटिक्स जैसे विषयों पर चर्चा होगी। भारत के पड़ोसी देशों में चल रहे संघर्ष, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक मुद्दे भी संवाद का हिस्सा होंगे।

म्यूजिक और मॉर्निंग सेशन का रहेगा विशेष आकर्षण

फेस्टिवल में साहित्य के साथ संगीत का भी खास रंग देखने को मिलेगा। मॉर्निंग म्यूजिक सेशन से दिन की शुरुआत होगी, जबकि शाम म्यूजिक स्टेज के नाम रहेंगी। देश-विदेश के कलाकरों ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को बांधे रखेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान केवल रेत की भूमि नहीं, बल्कि यह वीरों और संतों की धरती है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, विरासत बचाने और संस्कृति को आगे बढ़ाने की अपील की। साथ ही युवाओं को साहित्य से जोड़ने पर जोर देते हुए कहा कि ये आयोजन ऐसा होना चाहिए कि युवाओं को इससे गर्व महसूस हो।

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