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फिर धंसी सड़क, परत हटाई तो निकला नाकामी का 20 फीट गहरा गड्ढा

मेट्रो के दो पिलर के बीच में गड्ढा होने से मेट्रो अधिकारियों ने भी लिया जायजा सीवर लाइन की जांच के लिए शहर में कोई तंत्र ही नहीं भूमिगत केबल डालने के दौरान संबंधित एजेंसी नहीं रखती सीवर लाइन का ध्यान

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जयपुर

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GAURAV JAIN

Jul 04, 2023

फिर धंसी सड़क, परत हटाई तो निकला नाकामी का 20 फीट गहरा गड्ढा

फिर धंसी सड़क, परत हटाई तो निकला नाकामी का 20 फीट गहरा गड्ढा


जयपुर. मानसून के दौरान सड़क धंसने का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को न्यू सांगानेर रोड पर 20 फीट गहरा गड्ढा हो गया। गनीमत रही कि सुबह यातायात का दबाव सडक़ पर कम था। इस वजह से कोई हादसा नहीं हुआ। गड्ढा होने से गुर्जर की थड़ी की ओर जाने वाले ट्रैफिक को डायवर्ट कर दिया और एक ही लेन से वाहनों की आवाजाही हुई।
मेट्रो ट्रेन के पिलर नम्बर 106 और 107 के बीच में यह गड्ढा हुआ। हैरिटेज नगर निगम और जेडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर जब सडक़ को तोड़ना शुरू किया तो 20 फीट गहरा गड्ढा निकला। मड पम्प लगाकर गड्ढे को खाली किया। उसके बाद जेडीए ने मरम्मत का काम शुरू किया।


मेट्रो की टीम ने भी किया दौरा

घटना के बाद मेट्रो के इंजीनियर भी साइट पर पहुंचे। दो पिलर के बीच में गड्ढा होने की वजह से मेट्रो अधिकारियों ने पिलर चेक किए। अधिकारियों का कहना है कि मेट्रो के पिलर पूरी तरह से सुरक्षित हैं।

खास-खास

-900 एमएम की मुख्य सीवर लाइन गुजर रही है इस मार्ग से
-07 दिन में लाइन को सही करने का दावा किया है जेडीए ने

पहले से क्षतिग्रस्त थी सीवर लाइन
जेडीए अधिकारियों की मानें यह लाइन पहले से क्षतिग्रस्त थी। धीरे-धीरे सीवर लाइन से रिसाव होने की वजह से मिट्टी धंसी और फिर यह गड्ढा हो गया था।

सीवर लाइन क्षतिग्रस्त होने के दो बड़े कारण

-शहर में कई जगह केबल डाली गई हैं। इस दौरान लापरवाही के चलते सीवर लाइन को क्षतिग्रस्त कर दिया। जब सड़क धंसी तो 10 से अधिक केबल लटकती हुईं नजर आईं।

-ड्रेनेज सिस्टम न होने से बरसात का पानी भी सीवर लाइन में आता है। जबकि, लाइन को डिजायन करते समय इंजीनियर सीवर का ही ध्यान रखते हैं। ड्रेनेज की वजह से फ्लो ज्यादा होता है और पुरानी लाइन क्षतिग्रस्त होना शुरू हो जाती है।


मुख्य सीवर लाइन में लीकेज होने की वजह से सड़क धंसी है। दूसरी सीवर लाइनों से मुख्य लाइन को जोड़ा गया है। मड पम्प की सहायता से पानी को निकालकर काम शुरू करेंगे।
-मुकेश कुमार मीणा, एक्सईएन, जेडीए

भूमिगत केबल डालने वाली जिन कम्पनियों की वजह से सीवर लाइन क्षतिग्रस्त हुई है, उनकी जांच की जाएगी और उन पर कार्रवाई भी होगी।
-प्रताप सिंह खाचरियावास, मंत्री

40 फीसदी कम रेट पर टेंडर लिए जा रहे हैं। भ्रष्टाचार की होड़ मची है। जब सडक़ बनी थी, उस समय सीवर लाइन का ध्यान नहीं दिया गया।
-अरुण चतुर्वेदी, पूर्व मंत्री


हादसों के बाद भी नहीं ले रहे सबक
-जनवरी, 2021: चौमूं हाउस सर्कल पर बड़ा गड्ढा हो गया था। इसमें एक ऑटो अंदर चला गया था। चालक के साथ एक महिला यात्री भी थी।

-मार्च, 2021: निर्माण नगर में केबल डालने के दौरान सीवर लाइन क्षतिग्रस्त हुई। पानी का टैंकर आया तो सडक़ धंस गई और ट्रैक्टर मय टैंकर के फंस गया।

-जून, 2023: श्याम नगर के अयोध्या पथ पर सीवर लाइन के क्षतिग्रस्त होने से ट्रक ही समा गया था।