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जयपुर। राजस्थान में पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों में देरी को लेकर राजनीति गरमाई हुई है। ऐसे में निकायों के बाद अब प्रदेश की जिला परिषदों और पंचायत समितियों की बागडोर भी जनप्रतिनिधियों से हटकर प्रशासनिक अधिकारियों के पास चली गई है। राजस्थान की करीब 21 जिला परिषदों और लगभग 222 पंचायत समितियों का कार्यकाल मंगलवार को पूरा हो रहा है। इसके बाद इन संस्थाओं में अब अधिकारी प्रशासक के रूप में कार्य देखेंगे।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने सोमवार को आदेश जारी कर दिए हैं। इसके अनुसार जिला परिषदों में जिला कलक्टर और पंचायत समितियों में उपखंड अधिकारी (एसडीएम) प्रशासक की भूमिका निभाएंगे। नई ग्रामीण सरकार के गठन तक सभी प्रशासनिक एवं नीतिगत निर्णय अब यही अधिकारी लेंगे।
विभाग के अनुसार प्रदेश में पिछले चुनाव 33 जिला परिषदों और 352 पंचायत समितियों में हुए थे। इनमें से अधिकांश का कार्यकाल अब पूरा हो चुका है। इनमें से एक-दो को छोड़ सभी संस्थाओं का कार्यकाल मंगलवार को समाप्त हो रहा है, इसलिए जिला कलक्टरों को पंचायत समितियों के लिए एसडीएम को प्रशासक नियुक्त करने और जिला परिषदों में स्वयं प्रशासक का दायित्व संभालने के निर्देश दिए गए हैं।
इसी के साथ वर्ष 2026 में सितंबर से दिसंबर के बीच शेष 12 जिला परिषदों और 130 पंचायत समितियों का कार्यकाल पूरा होगा। इनका कार्यकाल समाप्त होने पर यहां भी कलक्टर और उपखंड अधिकारी ही प्रशासक के तौर पर कार्यभार संभालेंगे।
| कार्यकाल समाप्ति | पंचायत समितियों की संख्या |
|---|---|
| दिसंबर 2025 | 222 |
| सितंबर 2026 | 78 |
| अक्टूबर 2026 | 22 |
| दिसंबर 2026 | 30 |
| कार्यकाल समाप्ति | जिला परिषदों की संख्या |
|---|---|
| दिसंबर 2025 | 21 |
| सितंबर 2026 | 6 |
| दिसंबर 2026 | 2 |
| दिसंबर 2026 | 4 |
Updated on:
09 Dec 2025 08:51 am
Published on:
09 Dec 2025 08:51 am
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