
साइबर ठगी के 3 आरोपी अरेस्ट, पत्रिका फोटो
Bitcoin Mining Scam: जयपुर। बिटकॉइन माइनिंग में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए श्याम नगर थाना पुलिस और साइबर सेल ने तीन ठगों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह अब तक करीब 244 लोगों से लगभग 10 करोड़ रुपए की ठगी कर चुका है।
पुलिस उपायुक्त जयपुर दक्षिण राजर्षि राज ने बताया कि श्याम नगर निवासी दिलीप सिंह राजावत ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि करीब पांच महीने पहले अविनाश शर्मा, दिनेश पाराशर और चमन सिंह ने उसे bitmine.world नाम की अंतरराष्ट्रीय कंपनी में निवेश करने का लालच दिया।
आरोपियों ने मल्टी लेवल नेटवर्क मार्केटिंग योजना बताकर हर महीने 16 प्रतिशत तक मुनाफा और नए सदस्य जोड़ने पर 5 यूएसडीटी रेफरल बोनस देने का झांसा दिया। भरोसा दिलाने के लिए उन्होंने खुद के लाखों रुपए निवेश होने की बात भी कही। झांसे में आकर पीड़ित ने 2.27 लाख रुपए फोनपे के जरिए दे दिए, लेकिन आरोपियों ने बाद में रकम लौटाने से मना कर दिया गया।
राजर्षि राज ने बताया कि मामला सामने आने के बाद तकनीकी विश्लेषण और खुफिया जानकारी के आधार पर किंग्स रोड स्थित पद्मावती पैलेस होटल से दिल्ली रोड गुणावता स्थित हनुमान वाटिका निवासी अविनाश शर्मा, मूलत: झुंझुनूं में खेतड़ी हाल रेलवे ऑफिसर कॉलोनी कनकपुरा निवासी जितेन्द्र सिंह व हरमाड़ा स्थित शेखावटी नगर निवासी चमन सिंह को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि गिरोह का सरगना अविनाश कैश राशि से यूएसडीटी खरीदकर मलेशिया भेजता था। वहां बैठे उसके साथी माइनिंग सर्वर रूम के वीडियो दिखाकर लोगों को निवेश के लिए फंसाते थे।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 10 एटीएम कार्ड, 37 मलेशियाई रिंगिट, 40 यूएई दिरहम, एक लैपटॉप, चार मोबाइल फोन और एक करेंसी काउंटिंग मशीन बरामद की है। गिरोह से जुड़े बैंक खातों के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में साइबर पोर्टल पर सात शिकायतें भी दर्ज हैं।
यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी अविनाश के दो खातों में करीब 1.98 करोड़ रुपए के डॉलर ट्रांजेक्शन हुए हैं। पुलिस के अनुसार गिरोह का नेटवर्क बेंगलुरु और मलेशिया तक फैला हुआ है तथा फरार आरोपियों यूनुस खान और दिनेश पाराशर की तलाश जारी है।
Updated on:
10 Mar 2026 06:51 am
Published on:
10 Mar 2026 06:51 am
