
एंटीवायरस और दवा सप्लाई के नाम पर ठगी का जाल (फोटो-एआई)
जयपुर: जगतपुरा क्षेत्र में विला किराए पर लेकर विदेशी नागरिकों को साइबर ठगी का शिकार बनाने वाली एक गैंग का रामनगरिया थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में सात जालसाजों को गिरफ्तार कर आठ लैपटॉप, 10 मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं।
पुलिस उपायुक्त (पूर्व) संजीव नैन ने बताया कि श्रीकिशनपुरा स्थित पिंकसिटी एनक्लेव के एक विला में कुछ युवकों की संदिग्ध गतिविधियों के संबंध में सूचना मिली थी। इस पर पुलिस टीम ने विला नंबर 103 बी-1 पर दबिश दी, जहां सात युवक लैपटॉप और मोबाइल के साथ काम करते मिले। पूछताछ और तकनीकी जांच में सामने आया कि ये सभी युवक ऑनलाइन ठगी का अंतरराष्ट्रीय गिरोह चला रहे थे।
गिरफ्तार आरोपियों में महाराष्ट्र निवासी मेलविन एग्नेल परेरा, अहमदाबाद निवासी फैसल पुटावाला व फैसल शेख और नागालैंड निवासी पेटिनिलु सेब, प्रेम छेत्री, हिमाका यपतो, विकाय सुमी शामिल हैं। मामले की विस्तृत जांच प्रतापनगर थाना पुलिस को सौंपी गई है। पुलिस अब इनके नेटवर्क और अब तक की गई ठगी की कुल राशि का पता लगा रही है।
पूछताछ में आरोपियों ने ठगी का चौंकाने वाला तरीका बताया। ये जालसाज फेसबुक के जरिए विदेशी नागरिकों का डेटा और संपर्क नंबर हासिल करते थे। इसके बाद गूगल वॉइस और वर्चुअल नंबरों का उपयोग कर खुद को तकनीकी विशेषज्ञ बताते थे।
वे विदेशियों को उनके कंप्यूटर में एंटीवायरस समस्या ठीक करने या ऑनलाइन दवाइयों (फार्मेसी) की सप्लाई का झांसा देते थे। जब कोई व्यक्ति इनके झांसे में आ जाता, तो ये उससे डॉलर के बदले यूएसडीटी (क्रिप्टोकरेंसी) के रूप में भुगतान लेते थे। बाद में इस डिजिटल करेंसी को वेंडर के माध्यम से भारतीय रुपए में बदल लिया जाता था।
Updated on:
10 Mar 2026, 7:26 AM IST
Published on:
10 Mar 2026, 7:26 AM IST
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