
उम्र के इस पड़ाव पर हर कोई जाना चाहता है ' एक बार नेपाल जरूर'
हर्षित जैन / जयपुर. मन में एक ही आस कि एक बार भगवान पशुपतिनाथ ( Pashupatinath temple Nepal) के दीदार हो जाए, मगर उम्र के इस पड़ाव पर सड़क मार्ग से वहां तक का सफर मुश्किल लगता है। राज्य सरकार के देवस्थान विभाग ( State government department of devasthan) ने जब से वरिष्ठ नागरिक तीर्थयात्रा योजना ( Senior citizens pilgrimage scheme) में पशुपतिनाथ तक हवाई यात्रा करवाने की घोषणा की। तब से कई बुजुर्गों की उनके दर्शनों की उत्सुकता बढ़ी।
लेकिन मुफ्त हवाई यात्रा के प्रति रुझान से आए ढेरों आवेदन से 25 हजार बुजुर्गों की पशुपतिनाथ दर्शन ( Pashupatinath Temple Kathmandu ) करने की सपना आंखों में भी रहेगा। अगस्त के दूसरे सप्ताह में सभी जिला कलेक्टर्स की मौजूदगी में यात्रा की कम्प्यूटरलाइज्ड लॉटरी खोली जाएगी। एक दो दिन में यात्रा के जिले वाइज जनसंख्या के अनुपात में कोटा भी तय कर दिया जाएगा।
रहेगी आस अधूरी
धार्मिक स्थलों की तीर्थयात्रा करने वाले पांच हजार वरिष्ठ नागरिकों को इस बार हवाईजहाज से विभिन्न तीर्थों पर दर्शन करने का मौका तो मिलेगा। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक आवेदनों की संख्या ज्यादा होने से हवाईयात्रा से तीर्थ स्थानों पर जाने वाले करीब 45 हजार और रेलमार्ग से जाने वाले करीब 7 हजार लोग वंचित रहेंगे।
पहली बार सबसे ज्यादा आवेदन
देवस्थान विभाग के अतिरिक्त आयुक्त दिनेश चंद्र कोठारी के मुताबिक आवेदन की अंतिम तिथि तक कुल 61 हजार 596 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें कुल 1 लाख 11 हजार 662 यात्रियों और उनके सहयोगियों ने यात्रा के लिए आवेदन किया। जिसमें तीस हजार यात्रियों की तमन्ना पशुपतिनाथ मंदिर की हवाई यात्रा की है वहीं दूसरे नंबर की प्राथमिकता रामेश्वरम की है।
दस हजार का कोटा तयविभाग के मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने 5000 रेल और 5000 हवाई मार्ग से बुजुर्गों को यात्रा करवाने की घोषणा की थी।
यहां जाने के इच्छुक
सबसे ज्यादा बुजुर्गों ने जताई पशुपतिनाथ मंदिर जाने की इच्छा हवाई मार्ग से नेपाल के पशुपतिनाथ, रेल से रामेवरम् तीर्थ पर जाने की सबसे ज्यादा इच्छा जताई। वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा के निर्धारित स्थलों में से सर्वाधिक 29 हजार 746 लोगों ने नेपाल काठमांडू की हवाई यात्रा के लिए आवेदन किया है। दूसरे नंबर पर रेल यात्रा में रामेश्वरम् को 24 हजार 639 यात्रियों ने पसंद किया। रेलमार्ग से जगन्नाथपुरी को दूसरी प्राथमिकता दी। सबसे कम देहरादून से ऋषिकेश के लिए महज 934 यात्रियों ने आवेदन किया है।
जयपुर के लोगों में ज्यादा घूमने का उत्साह
सबसे कम मुस्लिम समुदाय के धार्मिक स्थलों की यात्रा के लिए आवेदन किया गया है। इसमें मात्र 275 यात्रियों ने आवेदन किया है। करीब 4762 यात्रियों ने दोहरे आवेदन किए है। आगामी दिनों में इनकी जांच कर निर्णय लिया जाएगा। सबसे ज्यादा आवेदन जयपुर जिले से 7 हजार 570 से प्राप्त हुए हैं वहीं सबसे कम आवेदन जैसलमेर जिले से 108 मिले हैं
Published on:
31 Jul 2019 07:45 am
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
