18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान के 28 बड़े शहरों को 202 जोन में बांटा, अब होगा सुनियोजित डवलपमेंट

हाईकोर्ट के पट्टों पर रोक के बाद चेती सरकार

2 min read
Google source verification
राजस्थान के 28 बड़े शहरों को 202 जोन में बांटा, अब होगा सुनियोजित डवलपमेंट

राजस्थान के 28 बड़े शहरों को 202 जोन में बांटा, अब होगा सुनियोजित डवलपमेंट

भवनेश गुप्ता
जयपुर। राज्य के 28 शहरों को 202 जोन में बांटा गया है। इसी आधार पर जोनल प्लान लागू करने की तैयारी है। इनमें एक लाख से ज्यादा आबादी वाले शहर हैं और हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब यहां जोनल प्लान के आधार पर डवलपमेंट प्रोजेक्ट्स लाए जाएंगे। नगरीय नियोजन विभाग ने जनवरी के पहले पखवाड़े में 194 जोनल डवलपमेंट प्लान अधिसूचित करने का दावा किया है। हालांकि, भिवाड़ी ऐसा शहर है, जहां इस पर काम ही शुरू नहीं किया गया है। अभी तक 202 में से 86 जोनल प्लान अधिूसचित किए गए हैं, जबकि 28 में निकायों ने स्वीकृत तो कर दिए लेकिन नोटिफाइड होना बाकी है। 13 शहरों में एक भी प्लान लागू नहीं किया जा सका है। प्रदेश में सबसे ज्यादा जोनल डवलपमेंट प्लान जोधपुर के 21 हैं, जबकि जयपुर शहर को 17 जोन में बांटा गया है।

हाईकोर्ट की है रोक, तब चेते

मास्टर प्लान को लेकर हाईकोर्ट में चल रहे मामले में न्यायालय ने जोनल प्लान लागू किए बिना पट्टे देने पर रोक लगा रखी है। इसी कारण सरकार की चिंता बढ़ी और तत्काल एक लाख से ज्यादा आबादी वाले सभी शहरों में जोनल डवलपमेंट प्लान लागू करने के निर्देेश दिए।

समझें— मास्टर प्लान और जोनल प्लान की जरूरत

1. मास्टर प्लान : शहर के विकास का पॉलिसी दस्तावेज है। इसमें पूरे शहर का विकास का वृहद प्लान शामिल है। मसलन, शहर के किस इलाके में भूउपयोग आवासीय, संस्थानिक, कॉमर्शियल होगा। रोड नेटवर्क से लेकर परिवहन, मनोरंजन, आवास से जुड़ा खाका खींचा जाता है। इसमें इलाकेवार विकास का प्लान नहीं होता।

2. जोनल प्लान : भूमि के उपयोग के लिए जोनवार (इलाकेवार) विकास का खाका तैयार होता है। शहर को अलग-अलग जोन में बांटते हैं और हर जोन की अलग से डवलपमेंट योजना बनाई जाती है। इसमें आवास, सार्वजनिक भवन, जनसुविधा केन्द्र, सड़क, मनोरंजन केन्द्र, पार्क, उद्योग, व्यवसाय, बाजार व स्कूल आदि के लिए जगह चिह्नित करते हैं। इसके अलावा बिजली, पानी, अंदरुनी सड़कों जैसी मूलभूत सुविधाओंं से जुड़ी प्लानिंग भी इसी का हिस्सा है। डवलपमेंट फंड कैसे और कहां से आएगा।