
हिस्ट्रीशीटर की गोली मारकर हत्या करने के बाद शव रेनवाल मांजी के पास शमशान के पास फेंकने वाले तीन सटोरियों को फागी पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी गोरव गुप्ता, दीपक अरोड़ा आैर मनीष इसरानी सवाईमाधोपुर के रहने वाले है। तीनों ने मुहाना मंडी रोड़ केसर चौराहे के निकट किराये पर फ्लेट ले रखा है। तीनों आरोपी सट्टे का काम करते है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मृतक संजय बिहारी सवाईमाधोपुर का हिस्ट्रीशीटर था।
संजय बिहारी से गोरव गुप्ता उर्फ टीटू सट्टे के 52 हजार रुपए मांगता था। संजय बिहारी ने तीनों आरोपियों को वर्ष 2011 में सवाईमाधोपुर में सट्टा करने पर जान से मारने की धमकी दी थी। इसके बाद तीनों जयपुर में किराये पर फ्लेट लेकर सट्टे का काम करते थे। एसपी ग्रामीण रामेश्वर सिंह ने बताया कि 23 अक्टूबर को रेनवाल मांजी शमशान घाट के पास एक युवक का शव मिला था। शव की शिनाख्त संजय बिहारी के रूप में हुई थी। जांच पड़ताल में सामने आया कि संजय सवाईमाधोपुर से 22 अक्टूबर को मालवीय नगर अपनी बहन के पास आया था। वहां से संजय टीटू नाम के युवक के साथ मानसरोवर जाने की बात कहकर निकला था। इसके बाद संजय का फोन बंद था। 23 अक्टूबर को संजय का शव रेनवाल मांजी के पास शमशान घाट में मिला था।
पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच पड़ताल के बाद बुधवार को मानसरोवर में दबिश देकर आरोपी गोरव, दीपक मनीष को गिरफ्तार कर लिया। तीनों आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने संजय को जयपुर आने के बाद फ्लेट पर राजीनामा करने के लिए बुलाया था। जहां पर संजय ने गोरव को सट्टेे के २६ हजार रुपए दे दिए थे। जबकि दीपक से एक मामले में राजीनामा नहीं कर रहा था। इस दौरान संजय ने दीपक को गोली दे दी। ऐसे में कहासुनी होने के बाद संजय ने पिस्तौल निकालकर दीपक पर तान दी। संजय को गोरव मनीष ने पकड़ लिया। इस दौरान संजय से गोली चल गई। गोली मनीष की हाथ में लग गई। धक्का-मुक्की में पिस्तौल नीचे गई। इसके बाद दीपक ने पिस्तौल उठाकर संजय के सिर पर गोली मार दी। इससे उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद गोरव दीपक ने पहले मनीष को मेट्रो हॉस्पिटल में भर्ती कराया। इसके बाद संजय के शव को ठिकाने लगाया।
Published on:
26 Oct 2017 10:15 am
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