जयपुर. जगतपुरा पुलिया से झालाना डूंगरी तक मार्ग जाम से बेहाल है। हाल यह है कि करीब दो किलोमीटर का सफर तय करने में ही वाहन चालकों को दो घंटे का समय लग गया। शनिवार को इस मार्ग पर दिनभर जाम के हालात रहे।राजस्थान पत्रिका संवाददाता ने पड़ताल की तो पता चला कि बढ़ते ट्रैफिक के कारण आए दिन इस रूट पर जाम अब आम हो गया है। इस पर बीसलपुर पाइपलाइन बिछाने, सीवर लाइन की मरम्मत और इंटरनेट की केबल बिछाने के कारण हालात और भी दयनीय हो गए। अब सवाल यह है कि जब लाइन बिछाने का कार्य पहले से ही तय था तो ट्रैफिक पुलिस ने उचित प्रबंधन क्यों नहीं किए। इस व्यस्त मार्ग पर एक साथ तीन काम शुरू कर दिए गए।
कहने को करीब 80 फीट सड़क, काम की सिर्फ 20 फीट
झालाना से जगतपुरा के बीच करीब 80 फीट चौड़ी सड़क है, लेकिन इस्तेमाल में सिर्फ 20 फीट ही आ रही है। वजह, सब्जी मंडी, पार्किंग, सड़क किनारे रखे बीसलपुर परियोजना के बड़े-बड़े पाइप और अस्थायी अतिक्रमण है। खास बात यह है कि इसी सड़क के समानांतर शहर की दो प्रमुख सड़कें जेएलएन मार्ग और टोंक रोड पर तो भारी वाहनों का प्रवेश दिन में निषेध है, लेकिन दिल्ली बाइपास से जुड़ी झालाना वाली सड़क पर दिन-रात भारी वाहनों का आवागमन रहता है।
बड़े इलाकों की लिंक रोड
यह रूट शहर के जगतपुरा, मालवीय नगर, प्रताप नगर, आगरा रोड समेत कई बड़े इलाकों के बीच सेतु का काम करता है। रोजाना इस रूट से करीब 20 हजार वाहन गुजरते है। इसी सड़क पर दो केन्द्रीय विद्यालय, केन्द्र और राज्य सरकार के दफ्तर, कई बड़े अस्पताल, औद्योगिक क्षेत्र और मोक्ष धाम है। ऐसे में ऑफिस टाइम पर भारी जाम लग जाता है। यही वजह है कि इस सड़क पर हादसे भी होते रहते हैं। इस मुख्य मार्ग के एक छोर पर झालाना सांस्थानिक क्षेत्र है तो दूसरे छोर पर जगतपुरा और सीतापुरा के सांस्थानिक व औद्योगिक क्षेत्र है।
केस- 1
अस्पताल में परिजन भर्ती है। मगर जाम के कारण समय पर अस्पताल पहुंच नहीं पाया। इस कारण ऑपरेशन नहीं हो सका।
– प्रेम शर्मा, युवक, जगतपुरा
केस- 2
समय से एक घंटे पहले भी ऑफिस के लिए निकलने का फायदा नहीं मिला। जाम के कारण दो घंटे लेट ऑफिस पहुंच पाया।
– राहुल जायसवाल, कर्मचारी, मालवीय नगर
केस- 3
प्रताप नगर से गोविन्ददेव जी के दर्शन के लिए सुबह 9 बजे निकली थी, लेकिन जाम के कारण न तो दर्शन हो पाए और न ही बेटा समय पर ऑफिस पहुंच सका।
– कौशल्या देवी, गृहिणी