
Food Security Scheme: खाद्य सुरक्षा योजना के नियमों में नहीं आने के बावजूद सरकारी गेहूं लेने वाले अपात्र परिवार स्वयं योजना को छोडकर वसूली की कार्रवाई से बच सकते हैं। रसद विभाग की अपील के बाद जिले के 423 परिवारों ने खुद ही अपना नाम योजना के लाभान्वितों से हटवा लिया है। लेकिन अब भी बड़ी संख्या में अपात्र लोग योजना का लाभ ले रहे हैं।
रसद विभाग ऐसे परिवारों की जांच में जुट गया है। 31 जनवरी के बाद ऐसे अपात्र परिवारों से विभाग वसूली करेगा। वसूली की कार्रवाई से बचने के लिए विभाग ने 31 जनवरी तक खुद ही योजना को छोड़ने का मौका दिया है। विभागीय जांच में अगर कोई आयकरदाता या सरकारी कर्मचारी का नाम सामने आया तो कानूनी कार्रवाई के साथ ही वसूली भी होगी। रसद विभाग ने अपात्र परिवारों को 31 जनवरी तक नाम हटाने के लिए समय दिया है। निर्धारित समय सीमा के बाद ऐसे परिवारों से बाजार दर से वसूली की जाएगी।
अपात्र परिवार स्वयं ही गिव अप कर लें। अन्यथा बाजार भाव से रिकवरी की जाएगी। अब तक 423 परिवार स्वयं ही योजना से बाहर हो गए है। इनका गेहूं वितरण बंद हुआ है।
अमित यादव, प्रवर्तन निरीक्षक कोटपूतली
परिवार में अगर कोई भी एक सदस्य आयकर दाता हो।
कोई भी एक सदस्य सरकारी, अर्द्धसरकारी, स्वायत्तशासी संस्थाओं में नियुक्त हो।
एक लाख रुपए वार्षिक से अधिक पेंशन प्राप्त करता हो।
किसी भी एक सदस्य के पास चारपहिया वाहन हो।
वाणिज्यिक वाहन को छोड़कर, जो कि जीविकोपार्जन के उपयोग में आता हो।
Published on:
15 Jan 2025 01:52 pm
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