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तीन सालों में विश्वस्तरीय बनेगा जोधपुर रेलवे स्टेशन, बेंगलुरु की कंपनी ने शुरू की कायापलट

Jodhpur Railway station: भारतीय रेलवे स्टेशनों का कायापलट करने में जुटा हुआ है। रेलयात्रियों को बेहतर सुविधा मिले व रेलवे के संसाधन का बेहर प्रयोग हो सके इसके लिए रेलवे स्टेशन की सूरत और सीरत दोनों ही बदल रहा है। इस कड़ी में अब राजस्थान के जोधपुर रेलवे स्टेशन का नंबर आ गया है। रेलवे ने इसके कायापलट का ठेका रेल भूमि विकास प्राधिकरण द्वारा कार्य का LOA बेंगलुरु की कंस्ट्रक्शन कंपनी को जारी कर दिया है और अब कंपनी ने स्टेशन विकास के लिए संसाधन जुटाने के प्रयास भी प्रारंभ कर दिए हैं।

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Jodhpur Railway station: भारतीय रेलवे स्टेशनों का कायापलट करने में जुटा हुआ है। रेलयात्रियों को बेहतर सुविधा मिले व रेलवे के संसाधन का बेहर प्रयोग हो सके इसके लिए रेलवे स्टेशन की सूरत और सीरत दोनों ही बदल रहा है। इस कड़ी में अब राजस्थान के जोधपुर रेलवे स्टेशन का नंबर आ गया है। रेलवे ने इसके कायापलट का ठेका रेल भूमि विकास प्राधिकरण द्वारा कार्य का LOA बेंगलुरु की कंस्ट्रक्शन कंपनी को जारी कर दिया है और अब कंपनी ने स्टेशन विकास के लिए संसाधन जुटाने के प्रयास भी प्रारंभ कर दिए हैं।

474 करोड़ से बदलेगा रूप
रेलवे ने जोधपुर रेलवे स्टेशन को मल्टीस्टोरी बनाने और बेहतर करने के लिए 474 करोड़ रुपए का कार्य निर्धारित किया है। अगले तीन सालों में स्टेशन को पूरी तरह बदल जाएगा। स्टेशन पर अनारक्षित प्रतीक्षालय, एक्जिक्यूटिव प्रतीक्षालय, खुदरा स्टालें, शौचालय, शिशु आहार कक्ष के साथ ही समस्त प्रकार की आधुनिक यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी।


यह होगी खासियत

संस्कृति को दर्शाएगा रेलवे स्टेशन

कैप्टन शशि किरण ने बताया कि स्टेशन का निर्माण पांच चरणों में होगा। स्टेशन का पुनर्विकास सूर्यनगरी की समृद्ध विरासत को विभिन्न स्थापत्य तत्वों और विशेषताओं जैसे पीले पत्थर की जाली कार्य, मेहराब, गुंबद, छतरी, झरोखा, बारादरी, मेहराब, अलंकरण, पत्थर का काम, पत्थर का आवरण, आदि के माध्यम से किया जाएगा। इस परियोजना में निर्माण के साथ-साथ संचालन और रखरखाव के दौरान ऊर्जा खपत में कमी के लिए सुविधाओं के साथ ग्रीन बिल्डिंग सुविधाएं होंगी, जो नवीनीकरणीय ऊर्जा के साथ कचरे के प्रसंस्करण, वर्षा जल संचयन आदि जैसे संसाधनों युक्त होगी।