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ऑनलाइन फैंटेसी गेमिंग और गैंबलिंग, बेटिंग, कसीनो और हॉर्स रेसिंग पर जीएसटी लगाने की सिफारिश के लिए गठित मंत्री समूह (जीओएम) और कानूनी राय लेगा। मंत्री समूह की अध्यक्षता करने वाले मेघालय के मुख्यमंत्री कोरनाड संगमा ने कहा, ये तीनों गेम एक जैसे नहीं हैं और इनका कार्य व उद्देश्य भी अलग-अलग है, ऐसे में इन तीनोें क्षेत्रों के बीच अंतर किया जाए और अलग-अलग जीएसटी की दरें लगाई जाए। इससे पहले जीओएम ने इन तीनों क्षेत्र के लिए 28% जीएसटी का सुझाव दिया था।
सीबीडीटी के पास मौजूद है पूरा डेटा
सीबीडीटी ने ऑनलाइन फेंटेसी गेमिंग-बेटिंग के इन विजेताओं को आगे आकर पेनाल्टी के साथ टैक्स जमा कराने को कहा है। ऐसा नहीं करने पर जरूरी कार्रवाई होगी। सीबीडीटी ने कहा कि टैक्सपेयर अपडेटेड आइटीआर फाइल करके यह टैक्स जमा कर सकते हैं। सीबीडीटी ने किसी कंपनी का नाम लिए बिना कहा कि इनकम टैक्स विभाग के पास इन सभी प्रतिभागियों और विजेताओं का डेटा है।
जीओएम की सिफारिश: जीओएम की ओर से अगले 7 से 10 दिन में अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने की संभावना है। जीओएम इन तीनों के लिए अलग मूल्यांकन प्रणाली अपनाने के लिए जीएसटी परिषद से सिफारिश करेगा।
नहीं मिलती छूट
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने पता लगाया है कि भारतीय गेमिंग कंपनियों के प्रतिभागियों ने पिछले तीन साल (2019-20 से 2021-22) में 58,000 करोड़ रुपए जीते हैं। इन प्रतिभागियों पर 30% की दर से इनकम टैक्स और पेनाल्टी जोड़ने के बाद सरकार का 20,000 करोड़ रुपए बकाया है।
Published on:
06 Sept 2022 10:36 pm
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