करणी विहार थाना पुलिस ने पांच दिन पहले हुई लूट का खुलासा करते हुए 15 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि भूखण्ड खरीदते समय पीड़ित के साथ हुए विवाद के बाद आरोपी ने बदला लेने के लिए भोपा के जरिए 600 करोड़ रुपए घर में होने की झूठी जानकारी देकर 15 लोगों को अपने साथ मिला लिया। आरोपी ने इसके लिए यूपी से बदमाश बुला लिए। आरोपी वारदात के लिए हथियार लेकर आए थे। पुलिस इस मामले में हथियार बरामद कर फरार चल रहे दो बदमाशों की तलाश में जुट गई है।
डीसीपी पश्चिम वंदिता राणा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी उत्तर प्रदेश के मुरादनगर निवासी सहजाद, मेरठ निवासी नदीम सैफी, आजमगढ निवासी रवि पांडे, दौसा निवासी जितेंद्र कुमार, मानसरोवर निवासी रमेश भोजवानी, सीकर निवासी रोहिताश जाट, अजमेर निवासी प्रकाश चंद सैनी, पूरण मल सैनी, बाबूलाल सैनी, सुनील कुमार सैन, शीबा बानो, टोंक निवासी दीनदयाल मीणा, रामेश्वर प्रसाद, बस्सी निवासी किशोर सिंह व बागपत, यूपी निवासी बादल कैशिक के हैं। वारदात के बाद साथ में रुपए ले जाने के लिए डकैत पिकअप, गैस कटर, सरिया लेकर आए थे।
यह था मामला
पुलिस उपायुक्त पश्चिम वंदिता राणा ने बताया कि धावास गांव स्थित यादवराम मौर्य के घर में 13 मई को जबरदस्ती घुस गए और उसकी पत्नी, बेटा व बेटी को हथियार के दम पर बंधक बना लिया। उसके बाद पूरे घर की तलाशी लेने लग गए। डकैतों को तांत्रिक की सलाह के अनुसार रुपए नहीं मिले। जिसके बाद व मोबाइल व अन्य सामान लेकर फरार हो गए।
इस तरह रची गई थी साजिश
एसीपी आलोक सैनी ने बताया कि यादव राम ने पैतृक गांव पचेवर में आरोपी रामेश्वर राठी व रामदयाल मीणा से दो भूखंड खरीदे थे। पट्टे लेने व देने को लेकर दोनों में विवाद हो गया। यादव राम ने दोनों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करवाई थी।आरोपी रामेशवर और रामदयाल ने बदला लेने के लिए धर्मबहन नसीराबाद शीबा बानो से संपर्क किया और उसने तंत्र –मंत्र का कार्य करने वाले भोपा सुनील सैन से संपर्क किया। सुनील ने बताया कि यादवराम के घर में 600 करोड रुपए दबे हुए हैं। फोटो और वीडियो मंगाकर बताया की बेसमेंट और बेड में सामान छिपे है।
यूपी से बुला लिए बदमाश
सुनील ने जयपुर आकर परिचित पूरणमल से संपर्क किया । वहीं साथी जितेंद्र और किशोर से मकान की रैकी करवाई और वारदात अंजाम देने के लिए रूट मैप तैयार करवाया। उसके बाद पूरण ने झोटवाडा में रहने वाले यूपी निवीस शहजाद व नदीम से हथियार के लिए संपर्क किया। दोनों ने उत्तर प्रदेश में रहने वाले बादल व सन्नी से बात कर उन्हें भी डकैती में शामिल होने के लिए जयपुर बुला लिया। वह बागपत से दो से चार हथियार लेकर आए। आरोपी वारदात अंजाम देने के लिए 12 मई को जयपुर पहुंचे लेकिन असफल रहे,अगले दिन उन्होंने मकान की तलाशी ली, जहां उन्हें सिर्फ इलेक्ट्रानिक आइटम मिला।