
...तो इसीलिए लेनी पड़ रही है महिला सुपरवाइजर को ट्रेनिंग
22 जून तक चलेगी ट्रेनिंग
—पोषाहार वितरण, प्री—स्कूल एजुकेशन, टीकाकरण के सीख रही तरीके
जयपुर
राज्य सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से प्रदेश में कई योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। इसमें आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार वितरण, प्री—स्कूल एजुकेशन, टीकाकरण, नंद घर योजना आदि प्रमुख है। इनका बेहतर क्रियान्वयन कैसे हो और अधिक से अधिक बच्चों व महिलाओं तक इसका लाभ पहुंच सके इसके लिए विभाग की ओर से सभी 63 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों की जिम्मेदारी संभाल रही महिला सुपरवाइजर्स का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है। ये सभी सुपरवाइजर ट्रेनिंग लेने के बाद अपने—अपने आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाली अन्य वर्कर जिसमें आंगनबाड़ी वर्कर, सहायिकाएं एवं आशा सहयोगिनी शामिल है इन सभी को कार्य करने के आसान तरीके सीखाएंगी।
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार ये मध्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम है जो 22 जून तक चलेगा। इसके लिए संबंधित परियोजना अधिकारियों को महिला सुपरवाइजर के नाम मांगे गए है। यदि चयनित सुपरवाइजर इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसी कारणवश शामिल नहीं हो पाती है या फिर उसके स्थान पर किसी ओर से चयन किया गया है तो इसकी सूचना विभाग को पूर्व में ही देनी होगी। ताकि विभाग की ओर से प्रशिक्षण लेने वाली सुपरवाइजर की वास्तविक रिपोर्ट मेंटेन हो सके। इसी आधार पर अलग—अलग चरणों में महिला सुपर वाइजर्स को प्रशिक्षण दिया जाएगा। विभाग की मानें तो प्रशिक्षण देने के पीछे सबसे बड़ी वजह है सरकार की योजनाओं के बारे में अपडेट करना।
प्रशिक्षण में ये सीखेंगी—
—टीकाकरण क्यूं व कब लगे
—प्रसव पूर्व व बाद क्या ध्यान रखें महिला
—पोषाहार बांटने से पहले जांच कैसे की जाए
—गुणवत्तायुक्त पोषाहार की मात्रा क्या रखें
—स्कूल में प्रवेश से पहले बच्चे की पढ़ाई कैसी हो
—किशोरी बालिकाओं को एनिमिया के प्रति जागरुरक करने
—नंद घर योजना और खिलौना बैंक की जानकारी
—बच्चों का नियमित वजन लेने
Published on:
18 Jun 2018 10:46 am
