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उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति के एक लाख आवेदन अटके पड़े

विभाग ने शिक्षण संस्थानों को भेजा रिमाइंडर
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जयपुर

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Teena Bairagi

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Updated: 15 Jun 2018, 10:27 AM IST

REET third grade teacher recruitment applicant loss job in rajasthan

बेरोजगार

उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति के एक लाख आवेदन अटके पड़े
—सभी पर लगा है आॅब्जेक्शन मार्क
—30 जून तक जमा कराने होंगे आवेदन
जयपुर
राज्य सरकार की ओर से दी जाने वाली उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति के लगभग 1 लाख आवेदन अटके पड़े होने से विद्यार्थी अब पेरशान हो रहे है। विभाग के चक्कर काटकर भी उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। जबकि खुद विभाग भी विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति रुकने से चिंतित है। विभाग ने इस मामले पर उन सभी शिक्षण संस्थाओं को रिमांइडर भेजा है जिनमें बच्चों के लिए विभाग की ओर से हर साल छात्रवृत्ति आवंटित की जाती है।
इसके लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने 30 जून तक की समय सीमा निर्धारित की है। यदि इस समय सीमा के बाद कोई आवेदन संस्थान की ओर से विभाग को भेजे गए तो स्वीकार नहीं किए जाएंगे जिसकी जिम्मेदारी संस्थान की होगी।

ये है पूरा मामला—
वर्ष 2016 -17 में छात्र—छात्राओं ने उत्तर मैट्रिक छात्रवृति के लिए आवेदन किया था जिसमें कुछ कॉलम पूरे करने या जरुरी डॉक्यूमेंट जमा कराने जैसे आॅब्जेक्शन मार्क लगाए गए थे। लेकिन आलम ये है कि आज दिन तक इन लंबित आवेदनों में सुधार नहीं किया गया। ऐसे लगभग 98 हजार आवेदन पत्र है। इसके चलते विभाग ने अब विद्यार्थियों और संबंधित शिक्षण संस्थानों को जल्द से जल्द आॅब्जेक्शन वाले आवेदन पूरे करके जमा कराने को कहा है। इस संबंध में विभाग ने हाल ही में संस्थाओं को निर्देश भी जारी किए है। लेकिन देरी का खामियाजा कहीं विद्यार्थियों को नहीं भुगतना पड़े इसलिए रिमाइंडर भेजा गया है।

छात्रावृत्ति योजना—
विभाग की ओर से पिछड़े वर्ग एवं अनुसूचित जाति व जनजाति के छात्र—छात्राओं के लिए हर साल उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति जारी की जाती है। इसके लिए संबंधित शिक्षण संस्थाओं के माध्यम से विद्यार्थी विभाग को आवेदन भेजते है। इसमें परिवार की वार्षिक आय, जन्म प्रमाण पत्र, घर का पता आदि की जानकारी भरनी होती है। यदि किसी कॉलम में मामूली सी भी गलती होती है तो उस पर संबंधित अधिकारी आॅब्जेक्शन लगाकर भेज देते है। जिसे विद्यार्थियों से पूरा करवाकर इन शिक्षण संस्थाओं को ही विभाग को भेजना होता है।

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