
...आईसीडीएस में रिक्त पड़े पदों को भरने की उठी मांग
—एक वर्कर पर दो से तीन कार्यो की जिम्मेदारी
जयपुर
राज्य सरकार की ओर से महिला एवं बच्चों के लिए यूं तो ढेरों योजनाएं चलाई जा रही है। लेकिन उनके बेहतर क्रियान्वयन कराने वाले पद रिक्त होने से योजनाओं को गति नहीं मिल रही है। जिसके चलते महिलाएं और बच्चों तक इसका लाभ नहीं पहुंच रहा है। अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ ने रिक्त पदों को शीघ्र भरने की मांग उठाई है। ये मामला है महिला एवं बाल विकास विभाग में लगे कर्मचारियों के रिक्त पदों का।
संघ प्रभारी छोटलाल बुनकर ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र पर काम करने वाले कर्मचारियों जिसमें वर्कर, सहायिकाएं, साथिन और आशा सहयोगिनियां शामिल है। इनके बड़ी संख्या में पद खाली पड़े है। इसके कारण एक वर्कर पर दो से तीन कार्यो की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे योजनाओं को गति मिलने की बजाय सिर्फ औपचारिकता पूर्ण हो रही है। उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग को इस बारे में पत्र लिखकर शीघ्र ही एक सर्वे कराने और रिक्त पदों की वास्तविक संख्या की रिपोर्ट तैयार करने को कहा है। ताकि इस रिपोर्ट के आधार पर रिक्त पदों को भरा जा सका।
विभाग ने दे रखे हैं निर्देश—
रिक्त पदों को भरने के लिए विभाग ने भी सभी जिलाधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दे रखे है। साथ ही अधिकारियों को ग्राम सभाओं के माध्यम ये रिक्त पदों पर नियुक्ति देने को कहा गया है। इससे पहले जिलाधिकारियों को अपने क्षेत्र का सर्वे कर रिक्त पदों की वास्तविक संख्यां पता लगानी होगी। जो भी संख्या सर्वे के दौरान प्राप्त होगी उसकी रिपोर्ट तैयार कर विभाग को सौंपनी होगी ताकि इस रिपोर्ट के आधार पर रिक्त पदों को संबंधित क्षेत्र के हिसाब से भरा जा सके।
उल्लेखनीय है कि विभाग की समेकित बाल विकास सेवाओं के तहत पूरे प्रदेश में लगभग 304 परियोजनाओं का संचालन किया जा रहा है।
Published on:
13 Jun 2018, 10:56 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.