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आखिर क्यूं अटक गई विद्यार्थियों की उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति

आॅब्जेक्शन मार्क के बाद छात्रवृत्ति आवेदन पड़े लंबित
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जयपुर

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Teena Bairagi

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Updated: 8 Jun 2018, 10:56 AM IST

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आॅब्जेक्शन मार्क के बाद छात्रवृत्ति आवेदन पड़े लंबित
—शिक्षण संस्थानों ने आवेदनों में सुधार नहीं कराया
—98 हजार आवेदन पड़े लंबित
—विभाग ने 30 जून तक दिया समय
—निर्धारित तिथि तक आवेदन पूर्ण होने के बाद स्वीकार नहीं होंगे

जयपुर
राज्य सरकार की ओर से बालक—बालिकाओं को उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति हर साल दी जाती है। छात्रवृत्ति मिलने के बाद विद्यार्थी बिना किसी दबाव के अपनी पढ़ाई पूरी कर पाते है। लेकिन इस छात्रवृत्ति के लिए आवेदन पत्र अटके पड़े हैं। जिसकी वजह है इन आवेदनों पर आॅब्जेक्शन मार्क लगना। ये मामला है सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग का।

दरअसल वर्ष 2016 -17 में छात्र—छात्राओं ने उत्तर मैट्रिक छात्रवृति के लिए आवेदन किया था जिसमें कुछ कॉलम पूरे करने या जरुरी डॉक्यूमेंट जमा कराने जैसे आॅब्जेक्शन मार्क लगाए गए थे। लेकिन आलम ये है कि आज दिन तक इन लंबित आवेदनों में सुधार नहीं किया गया। ऐसे लगभग 98 हजार आवेदन पत्र है। इसके चलते विभाग ने अब विद्यार्थियों और संबंधित शिक्षण संस्थानों को जल्द से जल्द आॅब्जेक्शन वाले आवेदन पूरे करके जमा कराने को कहा है। इसके लिए विभाग ने 30 जून की तिथि निर्धारित की है। इस तिथि तक सभी संस्थानों को ऐसे सभी विद्यार्थियों को सूचित करके उनके आवेदन पत्रों को पूर्ण कराना होगा। यदि इस तिथि के बाद भी आॅब्जेक्शन वाले आवेदनों में सुधार नहीं किया गया तो आवेदन पत्र स्वीकार नहीं किए जाएंगे। जिसकी जिम्मेदारी संस्थाओं की होगी ना कि विभाग की।

विभाग की मानें तो लंबित आवेदनों और कमियों की पूर्ति करने के लिए विद्यार्थियों तथा शिक्षण संस्थाओं को 30 जून तक का अंतिम अवसर दिया गया है, जिससे विद्यार्थी और शिक्षण संस्थान स्तर पर इन आवेदनों को दुरुस्त कर विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को भिजवाया जा सके। और इन सभी पेंडेंसी का निपटारा किया जा सके। उल्लेखनीय है कि शिक्षण संस्थानों की ओर से आॅब्जेक्शन वाले आवेदनों में सुधार नहीं करवाने से इतने मामले लंबित है।