
जयपुर। बजरी माफिया की ओर से किशोर सिंंह को कुचलने के मामले में समाज के लोगों में रोष है। बड़ी संख्या में राजपूत समाज के लोग सुबह मृतक के घर पहुंचे, इससे पहले नासिक से लौटे बेटे ने मृतक किशोर का अस्पताल पहुंचकर पोस्टमार्टम करवाया। साथ ही करधनी थाने में हत्या का मामला दर्ज कराया है।
एकजुट हुए समाज के लोगों और कॉलोनीवासियों ने आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए दबाव बनाया। विद्याधरनगर विधानसभा विधायक पद के प्रत्याशी विक्रम सिंंह और करणी सेना के महिपाल सिंंह समेत कई लोगों ने मामले को लेकर एसीपी और एसएचओ से बात की। पुलिस की जांच की जानकारी लेने के बाद फिलहाल पुलिस को डंपर चालक को गिरफ्तार करने का मौका दिया है। दरअसल, बजरी का अवैध परिवहन करने के दौरान कॉलोनी से गुजर रहे डंपर को किशोर सिंंह ने रोकने का प्रयास किया तो चालक ने डंपर चढ़ाकर उसे ही कुचल दिया।
शायद 65 साल के किशोर सिंह ने यह गलती कर डाली कि कॉलोनी के बच्चों को हादसों से बचाने की कोशिश की। किशोर सिंह ने कॉलोनी से गुजरने वाले अवैध बजरी से भरे वाहनों को रास्ता बदलने के लिए कहा था, जिससे कॉलोनी में किसी के साथ कोई हादसा नहीं हो सके। इसी का खामियाजा किशोर सिंह को अपनी जान गंवाकर उठाना पड़ा। प्रदेश भर की बात करें तो गुजरे तीन साल के दौरान बजरी से भरे वाहनों ने पंद्रह से ज्यादा लोगों की जान ले ली है। लोग पुलिस के पास बचाव के लिए जाते हैं तो पता लगता है कि पुलिस इनके सामने लाचार हैं।
रंगे हाथ पकड़े जा चुके हैं पुलिसकर्मी
30 मई को ही कोटपूतली थाने में एसीबी ने रेड डाली तो पता चला कि खनन माफिया से थानाधिकारी बंधी लेते थे। एक गार्ड ओर एक पुलिसकर्मी को एसीबी ने दबोचा।
दो दिन पहले ही राजसमंद के खमनोर थानाधिकारी को एसीबी ने ट्रेप किया। बीस हजार रुपए उन्होनें बजरी के वाहनों पर कार्रवाई नहीं करने की एवज में लिए थे।
दौसा, सवाई माधोपुर, धौलपुर और भरतपुर में भी पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जयपुर में भी बजरी माफिया और पुलिस की मिलीभगत के मामले सामने आ चुके हैं।
पिछले तीन साल के दौरान जयपुर, टोंक, दौसा, भरतपुर, सवाई माधोपुर, उदयपुर, भीलवाड़ा समेत कई जिलों में बजरी माफिया के वाहनों तले कुचलने से पंद्रह लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग घायल हो चुके हैं।
Published on:
13 Jun 2019 08:16 pm
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