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राजस्थान की 70 फीसदी खदानें रजिस्टर्ड नहीं… अब बनेगी ऑनलाइन कुण्डली

Rajasthan Mines Online Mapping and Registration: खान मजदूरों के सुरक्षा मापदंडों की करवाई जाएगी पालना। दुर्घटना पर बीमा क्लेम, श्रम रोजगार की योजनाओं का मिलेगा फायदा

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जयपुर

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Amit Purohit

Feb 09, 2023

बागेश्वर में अवैध खनन पाए जाने पर करवाई 2 माइंस सीज

बागेश्वर में अवैध खनन पाए जाने पर करवाई 2 माइंस सीज

अमित दवे

जोधपुर. खान सुरक्षा महानिदेशालय (अजमेर) के क्षेत्राधिकार में प्रदेश में संचालित करीब 70 फीसदी खदानें रजिस्टर्ड नहीं है। इस वजह से इन खदानों में काम करने वाले हजारों मजदूरों को पहचान नहीं मिल रही है। वहीं, खनिज विभाग की ओर से लीजधारी व वैध रूप से संचालित अधिकांश खदानों में सुरक्षा मापदंड की पालना नहीं हो रही है। इसका नुकसान खान मजदूरों को भुगतना पड़ रहा है। इसलिए खदान श्रमिकों के हित में सभी खदानों की ऑनलाइन कुंडली तैयार की जा रही है। महानिदेशालय की ओर से प्रदेश की खदानों में सुरक्षा मापदंड की पालना करवाने के लिए ऑनलाइन मैपिंग की जाएगी। साथ ही, खदान में काम करने वाले श्रमिकों को भी पहचान संख्या उपलब्ध करवाई जाएगी। इसके लिए अब निदेशालय की ओर से खनिज अभियंताओं के माध्यम से खदान मालिकों को खदानों के रजिस्ट्रेशन कराने के लिए नोटिस जारी किए जाएंगे।

हजारों श्रमिकों को मिलेगा फायदा:
ऑनलाइन मैपिंग व रजिस्ट्रेशन से प्रत्येक खदान पर मैनेजर की नियुक्ति होगी। श्रमिकों को श्रम पहचान संख्या मिलने से दुर्घटना पर बीमा क्लेम, चिकित्सा सुविधा सहित श्रम रोजगार की योजनाओं का लाभ मिलेगा।

महानिदेशालय में प्रदेश के 18 जिले :
खान सुरक्षा महानिदेशालय (अजमेर) के क्षेत्र के अधीन जोधपुर, भीलवाड़ा, टोंक, नागौर, बाड़मेर, जैसलमेर, जयपुर, सीकर, झुंझुनू, चूरू, अजमेर, बूंदी, कोटा, दौसा सहित बीकानेर, हनुमानगढ़ व पाली जिले शामिल है।

महानिदेशालय के अधीन इतनी खदानें व श्रमिक...
15000 खदाने महानिदेशालय के क्षेत्राधिकार में।
4215 खदानें ही रजिस्टर्ड महानिदेशालय के क्षेत्राधिकार में।
80000 से अधिक श्रमिक कार्य कर रहे।
12000 क्वारी लाइसेंस (छोटी माइंस)जोधपुर जिले में।
800 खनन पट्टै (जो एक या एक से अधिक हैक्टेयर क्षेत्र में हो) जोधपुर जिले में।


इनका कहना है...
महानिदेशालय के क्षेत्राधीन जिन खदानों का रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है, उनके रजिस्ट्रेशन के लिए खनि अभियंताओं को निर्देश दिए है।
—सुरजीत कटेवा, उप निदेशक, खान सुरक्षा महानिदेशालय, अजमेर।

खान सुरक्षा महानिदेशालय की ओर से जिन खदानों का रजिस्ट्रेशन नहीं है, उनका रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। जो वर्तमान में प्रक्रियाधीन है। इस संबंध में महानिदेशालय के निर्देशानुसार कैम्प भी आयोजित किए जाएंगे। - —श्याम चौधरी, खनि अभियंता, जोधपुर।