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जयपुर। जयपुर महानगर—द्वितीय क्षेत्र के अतिरिक्त सत्र न्यायालय क्रम संख्या-3 न्यायालय ने 24 साल पुराने जेसी बोस दुष्कर्म मामले के एक और आरोपी रामनिवास को दोषमुक्त कर दिया है। इससे पहले आठ जनों को सजा सुनाई जा चुकी, जबकि 12 को बरी किया जा चुका है।
इस मामले में रामनिवास सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत पर था। दरअसल, पांच सितंबर 1997 को जयपुर के गांधीनगर थाने में एफआइआर दर्ज हुई थी। पीड़िता ने एफआइआर में संदीप दहिया और कुछ अन्य लोगों पर राजस्थान विश्वविद्यालय के जेसी बोस हॉस्टल में बलात्कार करने का आरोप लगाया। पुलिस ने महिला थाने में एक और रिपोर्ट दर्ज की। जयपुर की अधीनस्थ अदालत ने 26 अक्टूबर 2012 को इनमें से एक मामले में संदीप दहिया, ओपी बेनीवाल, कोरसिंह, महेन्द्र प्रताप भाकर, सहसकरण, शिवदयाल सिहाग और सुरजीत यादव को दस साल की सजा सुनाई, जबकि एक अन्य मामले में 12 लोगों को बरी कर दिया था। इस मामले में नरेन्द्र कस्वां को छह जून 2015 को पीलीबंगा से गिरफ्तार किया गया, अगस्त 2015 में उसे दस साल की सजा हुई।
Updated on:
01 Oct 2021 02:09 am
Published on:
01 Oct 2021 02:04 am
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