एक ओर जहां देवालयों में कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर उल्लास का माहौल है। वहीं जन्माष्टमी से एक दिन पहले राजधानी जयपुर से दिलदहलाने वाला मामला सामने आया है। मुरलीपुरा थाना इलाके में स्थित शंकर विहार लक्ष्मी नारायण तत्कालेश्वर महादेव मंदिर में एक पुजारी ने आज सुबह आत्मदाह का प्रयास किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने झुलसी हालत में पुजारी को स्थानीय लोगों की मदद से एसएमएस अस्पताल में पहुंचाया, जहां उनका बर्न वार्ड में उपचार जारी है। पुजारी की हालत गंभीर बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से मंदिर ट्रस्ट और उसके बीच में विवाद चल रहा था। जिसे लेकर पंडित गिर्राज शर्मा काफी परेशान चल रहे थे। पुलिस ने इस मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। उधर पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग निकलवाई है जिसमें पुजारी आग की लपटों में घिरे हुए दिखाई दे रहे हैं।
डीसीपी वंदिता राणा ने बताया कि शंकर विहार में लक्ष्मी नारायण तत्कालेश्वर महादेव मंदिर में गिर्राज शर्मा पूजा-पाठ का काम करते हैं। झोटवाड़ा एसीपी प्रमोद स्वामी ने बताया कि आज सुबह साढ़े छह बजे सूचना मिली थी कि मंदिर के पुजारी ने खुद को आग लगा ली है। वह मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों की मदद से पुजारी गिर्राज शर्मा को एसएमएस अस्पताल में बर्न वार्ड में भर्ती कराया।
मंदिर समिति से चल रहा था विवाद-
पुलिस ने बताया कि पुजारी गिर्राज शर्मा मंदिर में वर्ष 2002 से पूजा का काम देख रहे हैं। मंदिर में पूजा की बात को लेकर गिर्राज शर्मा का मंदिर समिति से विवाद चल रहा है। समिति के सदस्य उन्हें हटाना चाहते थे। इस बात को लेकर वह कई दिनों से परेशान चल रहे थे। आज सुबह उन्होंने ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली। आग से वह अस्सी फीसदी झुलस गए। पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई हैं। पुलिस ने इस मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि समिति के सदस्यों और गिर्राज शर्मा में किस बात को लेकर विवाद चल रहा था।