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Energy saving: राज्य में ऊर्जा बचत की दीर्घकालीन कार्ययोजना बनेगी

राज्य में व्यावसायिक परिसरों, परिवहन साधनों, कृषि और उद्योगों आदि में ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और ऊर्जा बचत ( energy efficiency ) की दीर्घकालीन कार्य योजना तैयार की जाएगी। एसीएस माइंस एवं पेट्रोलियम व सीएमडी राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम ( Rajasthan Renewable Energy Corporation ) डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम जहां प्रदेश में सौर व विण्ड एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए योजनाबद्ध तरीके से सोलर व विण्ड पार्क विकसित करनेए गैरपरंपरागत ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने और इस क्षेत्र में निवेश व रोजगा

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Energy saving: राज्य में ऊर्जा बचत की दीर्घकालीन कार्ययोजना बनेगी

Energy saving: राज्य में ऊर्जा बचत की दीर्घकालीन कार्ययोजना बनेगी

जयपुर। राज्य में व्यावसायिक परिसरों, परिवहन साधनों, कृषि और उद्योगों आदि में ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और ऊर्जा बचत की दीर्घकालीन कार्य योजना तैयार की जाएगी। एसीएस माइंस एवं पेट्रोलियम व सीएमडी राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम जहां प्रदेश में सौर व विण्ड एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए योजनाबद्ध तरीके से सोलर व विण्ड पार्क विकसित करनेए गैरपरंपरागत ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने और इस क्षेत्र में निवेश व रोजगार को बढ़ावा दे रहा है, वहीं केन्द्र सरकार के ऊर्जा मंत्रालय की और से प्रदेश में ऊर्जा दक्षता व ऊर्जा बचत के लिए नोडल संस्था होने के नाते प्रदेश में ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और ऊर्जा की बचत की कार्ययोजना बनाकर उसके क्रियान्वयन में प्रमुख भूमिका हो जाती है।
उन्होंने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को केन्द्र सरकार के पावर मंत्रालय के ब्यूरों ऑफ एनर्जी एफिसिएंसी बीईई की गाइड लाइन व प्रदेश की परिस्थितियों के अनुकूल एक्सन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। यह दल एक माह में एक्सन प्लान तैयार कर पेश करेंगे। समन्वित प्रयासों व समझाइस से माल्स, सरकारी कार्यालयों व व्यावसायिक स्थानों और औद्योगिक कल कारखानों में ऊर्जा की बचत कर विद्युत लागत को आसानी से कम किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि जरुरत नहीं होने पर बिजली बंद रखने, रोड लाइट पर अधिक समय तक लाल बत्ती की स्थिति में वाहन को बंद करने, पांच सितारा विद्युत उपकरणों के उपयोग आदि से बिजली की आसानी से बचत की जा सकती है। अधिकारियों की समिति इन छोटे उपायों सहित दीर्घकालीन एक्सन प्लान प्रस्तुत करेगी, जिसका अध्ययन कर लागू किया जाएगा।
सीएमडी डॉ. अग्रवाल ने बताया कि बिजली की बचत ही बिजली का उत्पादन है को देखते हुए प्रदेश में ऐसे विद्युत उत्पादों की उपलब्धता व उपयोग को बढ़ावा देना है, जो बिजली की बचत करने के साथ ही पर्यावरण के अनुकूल हो। विद्युत लागत को कम करना और पर्यावरण संरक्षण हमारी सबकी जिम्मेदारी है। अब कम विद्युत खर्च में बेहतर सर्विस देने वाले उपकरण बाजार में उपलब्ध होने के साथ ही छोटे छोटे प्रयासों से ही बिजली की खपत को कम किया जा सकता है। इससे विद्युत खर्च में कमी होने से सीधे उपयोगकर्ता को राहत मिलेगी ,वहीं अनावश्यक बिजली की खपत कम होने से बिजली की खरीद लागत में कमी आएगी। बैठक में अधिकारियों ने कम्प्यूटर प्रजेटेंशन भी देकर प्रगति की जानकारी दी। बैठक में निदेशक तकनीकी सुमित माथुर, निदेशक वित्त केसी कुमावत, ओएसडी नवीन शर्मा, महाप्रबंधक केसी सोनी सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

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